छत्तीसगढ़

नीति आयोग में सीएम साय का बड़ा ऐलान: 3 साल में डबल होगी बस्तर के परिवारों की आय, अब बंदूक की जगह दूध और तकनीक से बदलेगी तस्वीर!

प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने रखा विकास का विजन, 'सेवा डेरा' और सेमीकंडक्टर हब से मिलेगी बस्तर को नई पहचान

Bol Bharat 24 News: नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की 11वीं बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बस्तर का एक नया और विकसित विजन देश के सामने रखा। दशकों तक लाल आतंक और हिंसा का दंश झेलने वाले बस्तर को अब आर्थिक पुनरुत्थान, रोजगार, पर्यटन और आधुनिक तकनीक का मॉडल बनाया जा रहा है। सीएम साय ने बैठक में संकल्प जताया कि सरकार का मुख्य लक्ष्य अगले तीन वर्षों के भीतर बस्तर के आदिवासी परिवारों की मासिक आय को दोगुना कर 30 हजार रुपये प्रति माह तक पहुंचाना है, जिससे वनांचल के लोगों का जीवन स्तर तेजी से सुधरेगा।

बस्तर की तकदीर बदलने के लिए सरकार बहुआयामी योजनाओं पर काम कर रही है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए गांवों में “डेयरी मॉडल” के जरिए दुग्ध क्रांति लाई जा रही है, जिसके तहत आदिवासियों को दुधारू मवेशी दिए जाएंगे। इसके अलावा, 2,000 करोड़ रुपये की लागत से दो बड़े सिंचाई प्रोजेक्ट शुरू किए जा रहे हैं, जिससे 32 हजार हेक्टेयर खेतों तक पानी पहुंचेगा और किसान सालभर नकदी फसलें उगा सकेंगे। दूरस्थ अंचलों में स्वास्थ्य व्यवस्था सुदृढ़ करने 36 लाख लोगों की डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल बन रही है, वहीं बस्तर के 200 सुरक्षा शिविरों को अब ‘सेवा डेरा’ में बदलकर एक ही छत के नीचे 371 सरकारी योजनाओं का लाभ ग्रामीणों को दिया जा रहा है।

युवाओं के भविष्य और कौशल विकास के लिए राज्य में एआई (AI) मिशन, स्टार्टअप और इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन की शुरुआत की गई है। अबूझमाड़ और जगरगुंडा जैसे संवेदनशील इलाकों में 100 करोड़ की लागत से एजुकेशन सिटी बनाई जा रही है। यही नहीं, राज्य में सेमीकंडक्टर क्षेत्र की दो आधुनिक इकाइयां भी स्थापित हो रही हैं। विश्व प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात और बौद्ध तीर्थस्थल सिरपुर को वैश्विक पर्यटन केंद्र के रूप में चमकाया जा रहा है, जिससे हजारों स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा। ‘एक जिला-एक उत्पाद’ योजना के तहत छत्तीसगढ़ के सुगंधित चावल और स्थानीय उत्पादों का डंका विदेशों में भी बज रहा है, जिससे फरवरी 2026 तक राज्य से 761.76 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड निर्यात दर्ज किया गया है।

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