सुशासन तिहार में फूटा जनसमस्याओं का अंबार: रिकॉर्ड 42 हजार नक्शों का हुआ बंटांकन, अब ‘गांव-शहर चलो अभियान’ से जनता के द्वार पहुंचेगा प्रशासन
जिले में लगाए गए 24 भव्य समाधान शिविर; केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू और डिप्टी सीएम अरुण साव समेत कई दिग्गजों ने सुनीं शिकायतें।

Bol Bharat 24 News: छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले से प्रशासनिक सक्रियता और सुशासन को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप जिले में 1 मई से 10 जून तक आयोजित ‘सुशासन तिहार’ के दौरान प्रशासन ने जनता की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए एक व्यापक और ऐतिहासिक अभियान चलाया। इस विशेष अवधि के दौरान जिलेभर के विभिन्न संकुलों और ग्राम पंचायतों में कुल 24 बड़े समाधान शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों में हजारों की संख्या में पहुंचे स्थानीय ग्रामीणों और शहरवासियों ने अपनी लंबित मांगें और शिकायतें जिला प्रशासन के समक्ष रखीं।
इन भव्य समाधान शिविरों की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इनमें केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वरिष्ठ विधायक पुन्नूलाल मोहले और विधायक धरमलाल कौशिक सहित कई दिग्गज जनप्रतिनिधियों ने खुद शिरकत की। इन सभी नेताओं और आला अधिकारियों ने सीधे जनता के बीच बैठकर उनकी एक-एक समस्याओं को बेहद संवेदनशीलता के साथ सुना। सुशासन तिहार के दौरान मुंगेली जिला प्रशासन ने राजस्व मामलों में एक बड़ा कीर्तिमान स्थापित करते हुए महज एक माह के भीतर रिकॉर्ड 42 हजार से अधिक जमीन के नक्शों का बंटांकन (बंटवारा) कर भू-स्वामियों को बड़ी राहत दी है।
शिविरों में प्राप्त हुए जनसमस्याओं के विशाल अंबार को देखते हुए प्रशासन ने अधिकांश मामलों का मौके पर ही फाइल निपटारा किया। जो शिकायतें थोड़ी जटिल थीं, उनके लिए समय-सीमा (टाइम-लिमिट) तय कर संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इस अभियान की सफलता से उत्साहित होकर और बचे हुए मामलों के पूरी तरह समाधान के लिए प्रशासन ने अब एक और बड़ा कदम उठाने का फैसला किया है। सुशासन तिहार के तुरंत बाद अब पूरे मुंगेली जिले में ‘गांव-शहर चलो अभियान’ की शुरुआत की जा रही है, जिसके तहत प्रशासनिक अमला सीधे लोगों के घरों तक दस्तक देगा।
इस आगामी ‘गांव-शहर चलो अभियान’ के जरिए कलेक्टर और पूरी प्रशासनिक टीम ग्रामीण अंचलों से लेकर शहरी वार्डों का सघन दौरा करेगी। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र हितग्राही सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे और राशन, पेंशन, पानी, बिजली व सड़क जैसी बुनियादी समस्याओं का ऑन-द-स्पॉट निराकरण किया जा सके। जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन के इस साझा और आक्रामक प्रयास की क्षेत्र की जनता जमकर सराहना कर रही है, जिससे राज्य सरकार के सुशासन के संकल्प को जमीनी स्तर पर एक मजबूत गति मिलती दिखाई दे रही है।



