छत्तीसगढ़

Water Supply Project: कोरबा में जल संकट का स्थायी समाधान: उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने पौने 37 करोड़ की जलप्रदाय योजना का किया भूमिपूजन

जिला खनिज न्यास मद (DMF) से संवरेंगी कोरबा की बस्तियां; 20 एमएलडी का नया वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और 3 नई पानी टंकियों के निर्माण से 60 हजार की आबादी को मिलेगा शुद्ध पानी।

Bol Bharat 24 News- छत्तीसगढ़ के औद्योगिक गढ़ कोरबा शहर में भीषण गर्मी और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए पेयजल संकट के स्थायी समाधान की दिशा में एक ऐतिहासिक शुरुआत की गई है। सूबे के वाणिज्य, उद्योग, श्रम, आबकारी व सार्वजनिक उपक्रम मंत्री लखनलाल देवांगन एवं नगर पालिक निगम कोरबा की महापौर संजूदेवी राजपूत ने संयुक्त रूप से इमलीडुग्गू गौमाता चौक में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान पौने 37 करोड़ रुपये की लागत वाले महत्वाकांक्षी ‘जलप्रदाय योजना विस्तार कार्य’ का भूमिपूजन किया। इस वृहद परियोजना के पूर्ण हो जाने के बाद कोरबा नगर निगम क्षेत्र के उन सभी वार्डों, मोहल्लों और दूरस्थ बस्तियों में पानी की किल्लत हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी, जहां अब तक कम दबाव (लो प्रेशर) या टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति होती थी।

नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा जिला खनिज न्यास मद (DMF) से स्वीकृत ₹36 करोड़ 73 लाख की इस भारी-भरकम राशि से शहर के वाटर इंफ्रास्ट्रक्चर को पूरी तरह से अपग्रेड किया जाएगा। योजना के तहत सबसे महत्वपूर्ण निर्माण 20 एमएलडी (MLD) की विशाल क्षमता वाले आधुनिक जल उपचार संयंत्र (वाटर ट्रीटमेंट प्लांट) का होगा। इसके साथ ही पानी के सुचारू भंडारण और समान वितरण के लिए तीन अलग-अलग क्षेत्रों में उच्च स्तरीय जलागार (पानी टंकी) बनाए जाएंगे। इनमें इमलीडुग्गू में 12.60 लाख लीटर, दादरखुर्द में 22.50 लाख लीटर और रूमगरा में 10.80 लाख लीटर की क्षमता वाली टंकियां शामिल हैं, जिनके माध्यम से शहर के भीतर 15.3 किलोमीटर लंबी नई वितरण पाइपलाइन भी बिछाई जाएगी।

इस महत्वपूर्ण सौगात के लिए केंद्र सरकार का आभार जताते हुए उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया जिला खनिज न्यास मद (डीएमएफ) वनांचल और खनिज बहुल जिलों के विकास के लिए एक वरदान साबित हो रहा है। इसी मद की बदौलत आज जिलों में अरबों रुपये के जनहितकारी कार्य संभव हो पा रहे हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि पीएम मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की डबल इंजन सरकार का मूल मंत्र ‘हर घर नल से जल’, पक्का मकान, बिजली और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसी सुशासन और जन-कल्याणकारी नीतियों के चलते छत्तीसगढ़ के नागरिकों के जीवन स्तर में तेजी से सुधार आ रहा है।

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भूमिपूजन समारोह को संबोधित करते हुए महापौर संजूदेवी राजपूत ने कहा कि इस योजना के पूरा होते ही इमलीडुग्गू, मोतीसागरपारा, भिलाईखुर्द, बरबसपुर, कर्रानाला, मानिकपुर, रूमगरा, ढेलवाडीह, खरमोरा, दादरखुर्द और बेलगिरी बस्ती जैसे सघन और निचले इलाकों की करीब 60 हजार से अधिक की आबादी को सीधे तौर पर चौबीसों घंटे निर्बाध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित होगी। कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी ने इस परियोजना को कोरबा की पेयजल व्यवस्था में ‘मील का पत्थर’ बताया। इस गरिमामय अवसर पर एमआईसी सदस्य हितानंद अग्रवाल, पार्षद अशोक चावलानी, नरेंद्र देवांगन सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, निगम के इंजीनियर्स और क्षेत्र के गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

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