छत्तीसगढ़

बलिदान दिवस पर वीरांगना रानी दुर्गावती को नमन: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा— ‘विकास भी, विरासत भी’ के मंत्र से गढ़ेगा नया छत्तीसगढ़

रायपुर में मुख्यमंत्री ने प्रतिमा पर किया माल्यार्पण, बोले— जो समाज अपने महापुरुषों को याद रखता है, उसका भविष्य सदैव उज्ज्वल होता है

Bol Bharat 24 News रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने वीरांगना रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के केनाल लिंकिंग रोड स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस गरिमामय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि रानी दुर्गावती का अदम्य साहस, पराक्रम और बलिदान भारतीय इतिहास की एक अमूल्य धरोहर है। उनका जीवन हम सभी के लिए राष्ट्रप्रेम, स्वाभिमान और मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण का सबसे बड़ा और सर्वोच्च उदाहरण है, जो आज भी करोड़ों लोगों को प्रेरित करता है।

मुख्यमंत्री साय ने वीरांगना के ऐतिहासिक संघर्ष को याद करते हुए कहा कि उन्होंने मुगल साम्राज्य की विशाल सेना के सामने घुटने टेकने के बजाय अद्वितीय वीरता का परिचय दिया। अंतिम सांस तक देश और स्वाभिमान की रक्षा के लिए लड़ते हुए वे वीरगति को प्राप्त हुईं। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि जो समाज अपनी ऐतिहासिक चेतना और महापुरुषों को भूल जाता है, उसका भविष्य संकट में पड़ जाता है। इसलिए अपनी जड़ों और विरासत को कृतज्ञता के साथ याद रखना बेहद जरूरी है।

उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश “विकास भी, विरासत भी” के मूल मंत्र पर आगे बढ़ रहा है। विकास की हर यात्रा तभी सार्थक है जब हम अपनी सांस्कृतिक विरासत को भी संजोकर रखें। इस अवसर पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वन मंत्री केदार कश्यप सहित कई विधायक, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने सभी से आह्वान किया कि रानी दुर्गावती के आदर्शों पर चलकर विकसित भारत और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ के निर्माण के संकल्प को और मजबूत करें।

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