‘मन की बात’ सकारात्मक दिशा देने वाला जनआंदोलन: सुकमा के मड़ईगुड़ा में ग्रामीणों के साथ वनमंत्री केदार कश्यप ने सुनी 135वीं कड़ी
कैबिनेट मंत्री ने दिया आत्मनिर्भर भारत और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का संदेश; सी-295 विमान निर्माण का जिक्र कर जताया गर्व

सुकमा: छत्तीसगढ़ के वन, जलवायु परिवर्तन एवं जल संसाधन मंत्री श्री केदार कश्यप ने रविवार को बस्तर अंचल के सुदूर सुकमा जिले के ग्राम मड़ईगुड़ा में स्थानीय ग्रामीणों, मातृशक्ति (महिलाओं) और बच्चों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 135वीं कड़ी का सामूहिक श्रवण किया। इस दौरान मड़ईगुड़ा और आसपास के ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री के प्रेरणादायी संदेशों को बेहद ध्यानपूर्वक सुना तथा राष्ट्र व समाज निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प दोहराया।
इस अवसर पर ग्रामीणों को संबोधित करते हुए वनमंत्री केदार कश्यप ने कहा कि ‘मन की बात’ कार्यक्रम आज केवल एक रेडियो प्रसारण नहीं, बल्कि समाज को सकारात्मक दिशा देने वाला एक बड़ा जनआंदोलन बन चुका है। यह कार्यक्रम देश के उन गुमनाम नायकों और उनके अनगिनत प्रयासों को राष्ट्रीय पटल पर पहचान दिलाता है, जो निस्वार्थ भाव से पर्यावरण, शिक्षा, स्वच्छता, नवाचार और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में काम कर रहे हैं।
रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और सामाजिक सुरक्षा पर बल
मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि 135वें संस्करण में प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत की बढ़ती ताकत और स्वदेशी तकनीक का विशेष रूप से उल्लेख किया है। भारत में निर्मित होने वाले सी-295 (C-295) सैन्य परिवहन विमान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि देश आज रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में तेजी से आत्मनिर्भर हो रहा है, जो हर नागरिक के लिए गौरव की बात है।
इसके साथ ही, प्रधानमंत्री ने देशवासियों से अंधविश्वास से दूर रहकर वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने, अनुसंधान को बढ़ावा देने और ‘प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना’ जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़कर खुद को व अपने परिवार को सुरक्षित करने का आह्वान किया है।
जनभागीदारी से ही साकार होगा ‘विकसित भारत’
वनमंत्री ने ग्रामीणों और युवाओं से अपील की कि वे प्रधानमंत्री के इन विचारों को अपने दैनिक जीवन में उतारें। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का संकल्प केवल सरकार के भरोसे पूरा नहीं हो सकता, इसके लिए जनभागीदारी सबसे जरूरी है। जब हर नागरिक ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करेगा, तभी हमारा समाज और देश आगे बढ़ेगा। इस सामूहिक श्रवण कार्यक्रम के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि, कलेक्ट्रेट व जिला प्रशासन के अधिकारी सहित बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के प्रमुख और ग्रामीण जन उपस्थित रहे।



