एक्शन मोड में सीएस: मुख्य सचिव के निर्देश—कंडिकावार निपटाएं सामाजिक अंकेक्षण की आपत्तियां, ग्राम सभाओं को भेजें रिपोर्ट
मंत्रालय में हुई छत्तीसगढ़ सामाजिक अंकेक्षण इकाई की बड़ी बैठक; वीबीजीरामजी योजना के तहत ऑडिट प्रावधानों और नए पदों की भर्ती को मिली हरी झंडी

रायपुर, 30 जून 2026। छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में ‘छत्तीसगढ़ सामाजिक अंकेक्षण इकाई’ की सामान्य सभा की बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई। बैठक में मुख्य सचिव ने सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में शत-प्रतिशत पारदर्शिता और जवाबदेही तय करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कड़े निर्देश जारी करते हुए कहा कि सामाजिक अंकेक्षण (सोशल ऑडिट) के दौरान ग्रामीण स्तर से प्राप्त होने वाली सभी आपत्तियों का कंडिकावार (बिंदुवार) तरीके से शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाए। सीएस ने स्पष्ट किया कि सामाजिक अंकेक्षण का मुख्य उद्देश्य ग्राम सभाओं को सशक्त बनाना है, इसलिए इसमें जनभागीदारी को हर हाल में बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
इस उच्च स्तरीय बैठक में राज्य के सभी जिला कलेक्टरों को कड़े निर्देश दिए गए कि वे ग्राम सभाओं में अनिवार्य रूप से अंकेक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें। बैठक के दौरान वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तुत वार्षिक कार्ययोजना और बजट का विस्तृत मूल्यांकन कर उसे वित्तीय मंजूरी (अनुमोदन) दी गई। इस वर्ष प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में महात्मा गांधी नरेगा (मनरेगा), प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रमों का सघन सामाजिक अंकेक्षण कराने पर विशेष बल दिया गया। इसके साथ ही, ऑडिट कार्यों में गुणवत्ता और नए नवाचारों को शामिल करने के लिए किसी प्रोफेशनल डेवलपमेंट एजेंसी का सहयोग लेने पर भी सहमति बनी।
बैठक में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक फैसला लेते हुए मनरेगा के संशोधित नवीन स्वरूप ‘वीबीजीरामजी योजना’ में सामाजिक अंकेक्षण के नए प्रावधानों को आत्मसात करने के प्रस्ताव पर गहन विचार-विमर्श किया गया। इसके अतिरिक्त, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत चल रही विभिन्न योजनाओं के सोशल ऑडिट कार्यों को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए कई रिक्त पदों को नियमानुसार भरने के नियमों और प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। इस बैठक में अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, श्रीमती शहला निगार सहित विभिन्न विभागों के आला सचिव और सामान्य सभा के सदस्य उपस्थित थे।



