छत्तीसगढ़

Murder Case: बिजली के खंभे से बांधकर अधेड़ की हत्या करने वाले मुख्य आरोपी को उम्रकैद; कोर्ट ने लगाया 20 हजार का जुर्माना

चक्रधर नगर क्षेत्र के डूमरपाली गांव में हुई बर्बरता पर अदालत का कड़ा प्रहार; साक्ष्यों के आधार पर आजीवन कारावास की सजा

रायगढ़, 8 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से एक बड़ी विधिक खबर सामने आ रही है। कानून व्यवस्था को चुनौती देते हुए एक ग्रामीण को बिजली के खंभे से बांधकर मौत के घाट उतारने वाले मुख्य आरोपी को अदालत ने दोषी ठहराया है। न्यायालय ने मामले की बर्बरता को देखते हुए मुख्य आरोपी को आजीवन कारावास (उम्रकैद) की कठोर सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड (जुर्माना) भी अधिरोपित किया गया है। यह सनसनीखेज मामला चक्रधर नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम डूमरपाली का है।

खंभे से बांधकर लात-घूंसों और डंडों से की गई थी पिटाई

अदालती दस्तावेजों और पुलिस विवेचना के अनुसार, यह खौफनाक वारदात दिसंबर 2024 में अंजाम दी गई थी:

बेटे ने दर्ज कराई थी रिपोर्ट: 22 दिसंबर 2024 को पीड़ित अर्जुन सारथी ने चक्रधर नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई कि उसके 50 वर्षीय पिता पंचराम सारथी के साथ गंभीर मारपीट की गई है।

सुबह मिली थी सूचना: अर्जुन को 21 दिसंबर की रात हुई इस वारदात की जानकारी अगली सुबह गांव के बाहर बनौरा आश्रम के पास संतोष सिदार नामक ग्रामीण ने दी थी।

मौके पर ही दम तोड़ चुके थे पंचराम

सूचना मिलते ही अर्जुन सारथी जब भागते हुए डूमरपाली गांव पहुंचा, तो उसने अपने पिता पंचराम सारथी को बिजली के खंभे के पास अचेत और लहूलुहान हालत में पड़ा पाया। करीब से देखने और जांच करने पर पता चला कि उनकी सांसें थम चुकी थीं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई थी। पुलिस की तफ्तीश में यह बात साबित हुई कि आरोपियों ने पंचराम को खंभे से बांधकर बेरहमी से हाथ, मुक्कों और डंडों से तब तक पीटा था, जब तक कि उनकी जान नहीं चली गई।

पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने सुनाया फैसला

न्याय की जीत: चक्रधर नगर थाना पुलिस ने घटना के बाद साक्ष्यों को मुस्तैदी से जुटाया और चश्मदीदों के बयानों के साथ कोर्ट में मजबूत चालान पेश किया। न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और वैज्ञानिक व परिस्थितिजन्य साक्ष्यों का बारीकी से अवलोकन करने के बाद मुख्य आरोपी को हत्या का दोषी पाया और उसे समाज में कड़ा संदेश देने के लिए उम्रकैद की सजा से दंडित किया।

Related Articles

Back to top button