Amrit Bharat Station Scheme: उसलापुर रेलवे स्टेशन: मुसाफिरों की आफत, छज्जा न होने से पानी में भीगने की विवशता
पुनरुद्धार कार्य के पश्चात भी मुसाफिर सहूलियतों में बड़ी कोताही; मेघ बरसते ही ढलान के नीचे दुबकने को मजबूर जनता

बिलासपुर, 8 जुलाई 2026। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत रेलवे स्टेशनों को आधुनिक बनाने और यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं देने के दावे तो बड़े-बड़े किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर संभाग के अंतर्गत आने वाले उसलापुर रेलवे स्टेशन से एक ऐसी ही तस्वीर सामने आई है, जिसने विकास के दावों की पोल खोलकर रख दी है। योजना के तहत इस स्टेशन का ऊपरी तौर पर कायाकल्प तो कर दिया गया है, लेकिन यात्रियों की सबसे बुनियादी जरूरत यानी प्लेटफार्म पर शेड (Shed) लगाने की व्यवस्था को अधूरा छोड़ दिया गया है।
तस्वीर यह है कि स्टेशन पर आने वाले यात्रियों को मौसम की मार झेलनी पड़ रही है और जिम्मेदार अधिकारी इस पूरी समस्या पर मूकदर्शक बने बैठे हैं।
तेज धूप और बारिश में खुले आसमान के नीचे रहने की मजबूरी
उसलापुर रेलवे स्टेशन से यात्रा करने वाले यात्रियों को इन दिनों भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है:
खुले आसमान के नीचे इंतजार: स्टेशन के प्लेटफार्म पर पर्याप्त शेड की व्यवस्था न होने के कारण, चाहे कड़कड़ाती धूप हो या अचानक शुरू होने वाली तेज बारिश, यात्रियों को खुले आसमान के नीचे ही अपनी ट्रेन का इंतजार करना पड़ता है।
रैंप के नीचे छिपने को मजबूर: मानसून के इस मौसम में जैसे ही अचानक बारिश शुरू होती है, यात्रियों के पास भीगने से बचने का कोई सुरक्षित साधन नहीं होता। ऐसे में यात्री स्टेशन पर बने रैंप (Ramp) के नीचे सिमटकर शरण लेने को विवश हो जाते हैं।
सामान खराब होने का डर: प्लेटफार्म पर शेड न होने से न सिर्फ बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे भीग रहे हैं, बल्कि यात्रियों के पास रखा जरूरी सामान और बैग भी पानी में पूरी तरह खराब हो रहे हैं।
सुंदरता पर ध्यान, बुनियादी सुविधाओं को भूले जिम्मेदार
यात्रियों में आक्रोश: स्थानीय नागरिकों और नियमित सफर करने वाले यात्रियों का कहना है कि अमृत भारत योजना के तहत स्टेशन की दीवारों को रंगने और सौंदर्यीकरण पर तो करोड़ों रुपये खर्च कर दिए गए, लेकिन यात्रियों को धूप और पानी से बचाने के लिए शेड जैसी सबसे जरूरी सुविधा की तरफ ध्यान नहीं दिया गया। स्टेशन प्रबंधन और रेलवे के उच्च अधिकारी इस असुविधा से पूरी तरह वाकिफ होने के बाद भी अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठा पाए हैं।
यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि दिखावे के विकास से हटकर प्लेटफार्म पर जल्द से जल्द पक्के शेड का निर्माण कराया जाए, ताकि इस मानसूनी सीजन में यात्रियों को आगे और परेशानी न उठानी पड़े।



