छत्तीसगढ़

Encroachment Drive: रायपुर नगर निगम की बड़ी कार्रवाई; डुंडा में 5 एकड़ निजी भूमि पर की जा रही अवैध प्लाटिंग जमींदोज

कमिश्नर संबित मिश्रा के निर्देश पर चला पीला पंजा; जेसीबी से काटी गई अवैध मुरम रोड, ढहाई गई नींव, भू-माफियाओं पर दर्ज होगी नामजद एफआईआर

रायपुर, 8 जुलाई 2026। राजधानी रायपुर में अवैध प्लाटिंग और भू-माफियाओं के खिलाफ नगर पालिक निगम ने अपनी कार्रवाई और तेज कर दी है। नगर निगम के कमिश्नर संबित मिश्रा के कड़े निर्देश पर आज जोन 10 के नगर निवेश विभाग ने एक बड़ी संयुक्त कार्रवाई को अंजाम दिया। जोन कमिश्नर मोनेश्वर शर्मा के मार्गदर्शन में निगम की टीम ने बाबू जगजीवन राम वार्ड क्रमांक 53 के अंतर्गत आने वाले डुंडा (ममता विहार के पास) में लगभग 5 एकड़ निजी भूमि पर की जा रही अवैध प्लाटिंग को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।

निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध रूप से बनाई गई मुरम रोड को जेसीबी (JCB) मशीन की सहायता से जगह-जगह से काट दिया, जिससे वहां आवागमन का मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया। इसके साथ ही भूखंडों पर डाली गई अवैध नींव (बाउंड्री वॉल) को भी मलबे में तब्दील कर दिया गया।

अज्ञात लोगों के खिलाफ मोर्चा, तहसीलदार को लिखा गया पत्र

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अवैध रूप से जमीन की खरीद-बिक्री करने वाले तत्वों पर नकेल कसने के लिए नगर निगम अब कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी में है:

वास्तविक भू-स्वामी की तलाश: अज्ञात व्यक्तियों द्वारा की जा रही इस अवैध प्लाटिंग पर रोक लगाने के साथ ही नगर निगम जोन 10 कार्यालय ने रायपुर तहसील कार्यालय को एक आधिकारिक पत्र भेजा है। इस पत्र के माध्यम से तहसीलदार से संबंधित खसरा नंबर की भूमि के वास्तविक भू-स्वामी (Land Owner) की जानकारी जल्द से जल्द उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है।

थाने में दर्ज होगी FIR: तहसीलदार कार्यालय से जैसे ही जमीन के मालिकाना हक और वास्तविक स्वामी की प्रामाणिक जानकारी प्राप्त होगी, वैसे ही राज्य शासन के नियमों और नगर निगम अधिनियम के तहत अवैध प्लाटिंग करने वाले मुख्य सरगनाओं के खिलाफ संबंधित पुलिस थाने में नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज कराई जाएगी।

अवैध कॉलोनाइजरों में हड़कंप

नगर निगम की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई से क्षेत्र के अवैध कॉलोनाइजरों और जमीन दलालों में हड़कंप मच गया है। निगम प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे डुंडा या शहर के किसी भी हिस्से में जमीन खरीदने से पहले नगर निगम और नगर तथा ग्राम निवेश (TNCP) से स्वीकृत ले-आउट की जांच अवश्य कर लें, ताकि वे किसी भी तरह की धोखाधड़ी का शिकार न हों।

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