CG Mega Breaking: ईओडब्ल्यू की हिरासत में कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल; शराब, कोल लेवी और कस्टम मिलिंग घोटाले में हैं मुख्य आरोपी
तीन साल से फरार चल रहे कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष आखिरकार पहुंचे ईओडब्ल्यू दफ्तर; बेटे वैभव अग्रवाल से पूछताछ के बाद खुद किया सरेंडर

रायपुर, 8 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ के सियासी और प्रशासनिक हलके से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। प्रदेश के बहुचर्चित शराब, कोल लेवी (कोयला लेवी) और राइस कस्टम मिलिंग घोटाले के मुख्य आरोपियों में से एक, वरिष्ठ कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल आखिरकार आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) की हिरासत में आ चुके हैं। रामगोपाल अग्रवाल छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व कोषाध्यक्ष और नागरिक आपूर्ति निगम (NAN) के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। वह पिछले करीब तीन वर्षों से लगातार फरार चल रहे थे और प्रवर्तन निदेशालय (ED) व ईओडब्ल्यू (EOW) की टीमें उनकी सरगर्मी से तलाश कर रही थीं।
बेटे वैभव अग्रवाल से पूछताछ के बाद सामने आए रामगोपाल
इस पूरे घटनाक्रम में मंगलवार से ही नाटकीय मोड़ आना शुरू हो गया था:
बेटे से हुई थी लंबी पूछताछ: मंगलवार को ईओडब्ल्यू की विशेष टीम ने चावल (कस्टम मिलिंग) घोटाले के सिलसिले में रामगोपाल अग्रवाल के बेटे वैभव अग्रवाल को तलब किया था और उनसे घंटों लंबी पूछताछ की थी।
समन मिलने के बाद पहुंचे दफ्तर: बेटे से हुई कड़ी पूछताछ और ईओडब्ल्यू द्वारा जारी किए गए नए समन के दबाव के बीच, पिछले तीन साल से कानून की नजरों से छिपे रामगोपाल अग्रवाल बुधवार को अचानक रायपुर स्थित ईओडब्ल्यू के दफ्तर पहुंचे।
दफ्तर पहुंचते ही वहां मौजूद अधिकारियों ने उन्हें हिरासत में ले लिया, जहां इन तीनों महाघोटालों को लेकर उनसे गहन पूछताछ शुरू कर दी गई है।
जांच एजेंसियों की बड़ी कामयाबी
रामगोपाल अग्रवाल का सामने आना और ईओडब्ल्यू की हिरासत में जाना जांच एजेंसियों के लिए एक ऐतिहासिक कामयाबी माना जा रहा है। लंबे समय से फरार होने के कारण उनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर सहित कई सख्त कानूनी कदम उठाए जा चुके थे। सूत्रों के मुताबिक, ईओडब्ल्यू की टीम उनसे प्रारंभिक पूछताछ के बाद कोर्ट में पेश कर रिमांड की मांग करेगी, जिससे इस पूरे सिंडिकेट और इससे जुड़े अन्य सफेदपोशों के चेहरों से भी पर्दा उठने की उम्मीद है।



