छत्तीसगढ़

Bastar Women Empowerment: बस्तर की मातृशक्ति आज समाज में बदलाव की सशक्त वाहक, ‘दीदी के गोठ’ में गूंजी आत्मनिर्भरता की गूंज

जगदलपुर के श्यामा प्रसाद मुखर्जी सभागार में 12वां संस्करण आयोजित, वन मंत्री केदार कश्यप ने लखपति दीदियों को किया सम्मानित

जगदलपुर। “बस्तर की मातृशक्ति ने कठिन और विपरीत परिस्थितियों का सामना करते हुए आज समाज में सकारात्मक परिवर्तन की एक बेहद सशक्त भूमिका निभाई है। शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ तभी पूरी तरह सार्थक होता है, जब महिलाएं उन्हें अपनाकर खुद आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ती हैं।” यह बातें प्रदेश के वन, जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता एवं संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप ने कहीं। वे बस्तर संभाग मुख्यालय स्थित पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी सभागार में आयोजित ‘दीदी के गोठ’ के 12वें संस्करण और महिला सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

इस गरिमामय कार्यक्रम में बस्तर संभाग के विभिन्न अंदरूनी और दूरस्थ जिलों से आईं हजारों महिलाओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान अपनी मेहनत से तकदीर बदलने वाली लखपति दीदियों की सफलता की कहानियों ने वहां मौजूद अन्य महिलाओं में आत्मविश्वास और स्वरोजगार के प्रति एक नया उत्साह जगाया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद बस्तर सांसद महेश कश्यप ने लखपति दीदी योजना, महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी फ्लैगशिप योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन कदमों से बस्तर अंचल की महिलाओं की आर्थिक और सामाजिक स्थिति में ऐतिहासिक सुधार हुआ है।

वहीं, चित्रकोट विधायक विनायक गोयल और जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप ने भी बस्तर की महिलाओं के जज्बे को सलाम किया। कार्यक्रम में चपका की नीतू झा, सुलेंगा की सुगनी कश्यप और इरपा की हेमबती नाग सहित कई सफल महिलाओं को प्रमाण-पत्र और सहायता राशि के चेक प्रदान कर सम्मानित किया गया। कोंडागांव की नम्रता पटेल ने अपनी कहानी सुनाते हुए बताया कि कैसे बिहान योजना के तहत 5 लाख रुपये का लोन लेकर उन्होंने ‘अमृत तुल्य’ चाय-नाश्ता कैफे खोला और आज वे हर दिन 5 हजार रुपये कमा रही हैं। इस भव्य आयोजन में बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा, जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन सहित कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं उपस्थित रहीं।

Related Articles

Back to top button