Sitting Side Effects: ऑफिस में कुर्सी से चिपके रहने की आदत है जानलेवा! हो सकता है कैंसर, मोटापा और सूजन; डॉक्टरों से जानें कैसे रहें एक्टिव
Sedentary Lifestyle Risks: लगातार 8-9 घंटे बैठकर काम करने से शरीर बन रहा बीमारियों का घर, इन 5 आसान तरीकों से ऑफिस में खुद को रखें फिट

Bol Bharat 24 News: आज की आधुनिक जीवनशैली में डेस्क जॉब यानी ऑफिस में घंटों कुर्सी पर बैठकर काम करना मजबूरी बन चुका है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह आदत आपकी सेहत के लिए किसी मूक हत्यारे (साइलेंट किलर) से कम नहीं है? स्वास्थ्य विशेषज्ञों और डॉक्टरों के अनुसार, दिनभर कुर्सी से चिपके रहने (सेडेंटरी लाइफस्टाइल) से शरीर की चयापचय प्रक्रिया (मेटाबॉलिज्म) धीमी हो जाती है। इसके कारण शरीर में क्रोनिक इन्फ्लेमेशन (अंदरूनी सूजन) बढ़ने लगती है, जो आगे चलकर मोटापा, टाइप-2 डायबिटीज, हृदय रोग और यहाँ तक कि कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों का मुख्य कारण बनती है। लगातार बैठे रहने से शरीर का ब्लड सर्कुलेशन भी प्रभावित होता है।
कुर्सी से चिपके रहने के गंभीर नुकसान
क्रोनिक सूजन (Inflammation): लंबे समय तक गतिहीन रहने से शरीर में वसा का संचय होता है, जो सूजन बढ़ाने वाले इनफ्लेमेटरी मॉलिक्यूल्स को सक्रिय करता है।
मोटापा और मेटाबॉलिक सिंड्रोम: जब आप हिलते-डुलते नहीं हैं, तो कैलोरी बर्न होना बंद हो जाती है। इससे वजन तेजी से बढ़ता है और पेट की चर्बी जमा होने लगती है।
कैंसर का खतरा: कई शोधों में यह बात सामने आई है कि शारीरिक रूप से निष्क्रिय रहने वाले लोगों में कोलोन (आंत), ब्रेस्ट और गर्भाशय के कैंसर का खतरा काफी अधिक बढ़ जाता है।
रीढ़ की हड्डी और मांसपेशियों में दर्द: गलत पोस्चर में घंटों बैठने से कमर दर्द, सर्वाइकल और साइटिका जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं।
डॉक्टरों के मुताबिक, ऑफिस में खुद को ऐसे रखें एक्टिव
20-30 मिनट का नियम अपनाएं: हर आधे घंटे में अपनी कुर्सी से उठें और कम से कम 2 मिनट के लिए वॉक करें। ऑफिस में स्ट्रेचिंग करें या पानी पीने के लिए उठें।
सीढ़ियों का करें इस्तेमाल: लिफ्ट की जगह सीढ़ियों से आने-जाने की आदत डालें। यह आपके पैरों की मांसपेशियों को सक्रिय रखने का सबसे अच्छा तरीका है।
डेस्क एक्सरसाइज और स्ट्रेडिंग: बैठे-बैठे ही पैरों को स्ट्रेच करें, कंधों को घुमाएं और गर्दन की हल्की एक्सरसाइज करें। संभव हो तो स्टैंडिंग डेस्क (खड़े होकर काम करने वाली टेबल) का उपयोग करें।
वॉक एंड टॉक: ऑफिस में जब भी फोन पर बात करनी हो, तो एक जगह बैठने के बजाय केबिन या कॉरिडोर में टहलते हुए बात करने की आदत डालें।
लंच के बाद छोटी वॉक: दोपहर का खाना खाने के तुरंत बाद अपनी सीट पर न बैठें। कम से कम 10 से 15 मिनट की सामान्य वॉक जरूर करें, जिससे खाना आसानी से पच सके।



