Chhattisgarh Assembly: छत्तीसगढ़ विधानसभा में नक्सलवाद के खात्मे पर धन्यवाद प्रस्ताव पारित, स्पीकर डॉ. रमन सिंह बोले- ‘हमने दुनिया की सबसे बड़ी लड़ाई जीती’
मानसून सत्र के दूसरे दिन सदन में गूंजा बस्तर का मुद्दा; विस अध्यक्ष ने साझा किए नक्सलवाद के दौर की पीड़ा और अपने अनुभव

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून (पावस) सत्र के दूसरे दिन सदन में बस्तर और नक्सलवाद का मुद्दा प्रमुखता से छाया रहा। सुरक्षा बलों और सरकार को नक्सलवाद के मोर्चे पर मिली हालिया ऐतिहासिक सफलताओं पर सत्ता पक्ष द्वारा सदन में आभार व्यक्त किया गया। इस दौरान माओवाद विरोधी अभियानों में मिल रही निर्णायक कामयाबी को रेखांकित करते हुए सदन में एक स्वर से धन्यवाद प्रस्ताव भी पारित किया गया, जिसका सभी सदस्यों ने स्वागत किया।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने साझा की बस्तर की पीड़ा
धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) डॉ. रमन सिंह ने भावुक होते हुए नक्सलवाद के उस खौफनाक दौर की पीड़ा और उससे जुड़े अपने लंबे प्रशासनिक व राजनीतिक अनुभवों को सदन के साथ साझा किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ ने बीते दशकों में नक्सली हिंसा का एक लंबा और बेहद दर्दनाक दंश झेला है, जिसमें हजारों निर्दोष ग्रामीणों, जवानों और जनप्रतिनिधियों ने अपनी जान गंवाई है।
‘हमने दुनिया की सबसे बड़ी लड़ाई जीती है’
चर्चा को आगे बढ़ाते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने गर्व के साथ कहा, “हमने दुनिया की सबसे बड़ी लड़ाई जीती है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि बस्तर के दुर्गम जंगलों और कठिन परिस्थितियों में नक्सलियों के खिलाफ लोकतंत्र की यह जीत सुरक्षा बलों के अदम्य साहस, सरकार की दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति और स्थानीय जनता के विश्वास की बदौलत ही संभव हो सकी है। उन्होंने विश्वास जताया कि अब छत्तीसगढ़ बहुत जल्द पूरी तरह से नक्सल मुक्त होकर शांति और हरित विकास के नए पथ पर आगे बढ़ेगा।



