छत्तीसगढ़

Chhattisgarh Politics: “हिड़मा को रोल मॉडल बताना शहीदों का अपमान”, कांग्रेस नेता के बयान पर भड़के कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप

झीरम घाटी के गुनहगार का महिमामंडन करने पर केदार कश्यप का तीखा हमला; कहा— "नक्सली का महिमामंडन कांग्रेस का दोहरा चरित्र करता है उजागर"

रायपुर। छत्तीसगढ़ की सियासत में नक्सलवाद और झीरम घाटी हमले को लेकर एक बार फिर बड़ा सियासी तूफान खड़ा हो गया है। सूबे के वन मंत्री केदार कश्यप ने कांग्रेस नेता अटल श्रीवास्तव के उस बयान की कड़े शब्दों में निंदा की है, जिसमें उन्होंने कुख्यात नक्सली कमांडर हिड़मा को “रोल मॉडल” बताया था। मंत्री केदार कश्यप ने इसे बेहद शर्मनाक और गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए कहा कि यह बयान देकर कांग्रेस ने झीरम घाटी नरसंहार में अपनी जान गंवाने वाले खुद के ही वरिष्ठ नेताओं, कार्यकर्ताओं और बस्तर में शहीद हुए वीर जवानों के सर्वोच्च बलिदान का सरेआम मजाक उड़ाया है।

झीरम के गुनहगार का महिमामंडन कांग्रेस की असली सोच”

कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जिस हिड़मा का नाम बस्तर में खूनी नक्सली इतिहास, निर्दोष आदिवासियों की निर्मम हत्याओं, जवानों पर घात लगाकर किए गए कायराना हमलों और बस्तर के पिछड़ेपन से जुड़ा रहा है, उसे कांग्रेस का एक वरिष्ठ नेता आदर्श के रूप में प्रस्तुत कर रहा है।

उन्होंने याद दिलाया कि देश 25 मई 2013 के झीरम घाटी नरसंहार को कभी नहीं भूल सकता, जिसमें तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, बस्तर टाइगर महेंद्र कर्मा, पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल और उदय मुदलियार जैसे दिग्गज नेताओं को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। वर्षों तक इस घटना पर राजनीति करने वाली कांग्रेस आज उसी के सूत्रधार का महिमामंडन कर रही है।

नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई को कमजोर करने की कोशिश

मंत्री कश्यप ने कहा कि आज देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और प्रदेश में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सुरक्षा बल नक्सलवाद के खात्मे के लिए निर्णायक जंग लड़ रहे हैं। ऐसे नाजुक वक्त में देश के सबसे कुख्यात नक्सली को ‘रोल मॉडल’ बताना सुरक्षा बलों के मनोबल को तोड़ने और नक्सल विरोधी अभियान को कमजोर करने की एक गहरी साजिश है।

केदार कश्यप ने उठाए बड़े सवाल:

माफी की मांग: कांग्रेस नेतृत्व को झीरम घाटी के शहीदों के परिवारों और छत्तीसगढ़ की जनता से तुरंत बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए।

स्थिति स्पष्ट करे कांग्रेस: कांग्रेस आलाकमान यह साफ करे कि क्या हिड़मा उनकी पार्टी का नया आदर्श बन चुका है या वह अटल श्रीवास्तव के इस विवादित बयान से खुद को अलग करती है?

उन्होंने अंत में साफ किया कि साय सरकार बस्तर से नक्सलवाद के समूल खात्मे और वहां शांति व विकास स्थापित करने के अपने संकल्प पर पूरी तरह अडिग है।

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