Fake Certificate Teacher Scam: फर्जी सर्टिफिकेट के जरिए पाई नौकरी; गरियाबंद कलेक्टर ने मांगी रिपोर्ट, 102 शिक्षक हो चुके हैं बर्खास्त
Gariaband Recruitment Fraud: मैनपुर ब्लॉक में 2005 से 2007 के बीच हुई थी 454 पदों पर भर्ती; जांच सूची में अब भी दर्ज हैं 111 संदिग्ध शिक्षकों के नाम

गरियाबंद न्यूज़: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के मैनपुर ब्लॉक में वर्षों पहले हुए एक बड़े शिक्षक भर्ती घोटाले की फाइलें एक बार फिर खुल गई हैं। वर्ष 2005 से 2007 के दौरान हुई 454 शिक्षकों की भर्ती में बड़े पैमाने पर फर्जी अंकसूची और जाली प्रमाण पत्रों के जरिए नौकरियां हासिल करने की शिकायतें सामने आई थीं। इस मामले में जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है।
कलेक्टर बीएस उइके ने समय-सीमा (TL) बैठक के दौरान फर्जी शिक्षकों के संबंध में संबंधित विभाग से पूरी सूची तलब की है। कलेक्टर ने जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों को मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर 2 दिनों के भीतर प्रस्तुत करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन की इस सक्रियता के बाद फर्जी तरीके से नौकरी कर रहे लोगों में हड़कंप मच गया है।
मामले की पड़ताल करने पर यह सामने आया कि इस भर्ती घोटाले की जांच सालों पहले ही पूरी हो चुकी थी। पूर्व में गठित जांच टीम के प्रतिवेदन के आधार पर गड़बड़ी में शामिल पाए गए 102 फर्जी शिक्षकों को बर्खास्त भी किया जा चुका है। हालांकि, जांच रिपोर्ट के दस्तावेजों के अनुसार अब भी 111 ऐसे शिक्षकों के नाम सूची में दर्ज हैं, जिन पर फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर नौकरी हासिल करने के आरोप हैं।
जिला प्रशासन द्वारा 2 दिन के भीतर रिपोर्ट मांगे जाने के बाद माना जा रहा है कि बचे हुए संदिग्ध शिक्षकों पर भी जल्द ही गाज गिर सकती है। शासन-प्रशासन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी पाने वाले अन्य संदिग्धों की गहनता से जाँच कर नियमानुसार बर्खास्तगी व वैधानिक कार्रवाई की तैयारी में है।



