Pallet Gun Ban Supreme Court: पैलेट गन पर रोक की मांग पहुंची सुप्रीम कोर्ट; याचिकाकर्ता की मेडिकल रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
Delhi Parliament March Case: 'संसद चलो' मार्च में पैलेट गन से घायल होने का दावा; सुप्रीम कोर्ट पहुंचे याचिकाकर्ताओं की एमएलसी रिपोर्ट आई सामने

Bol Bharat 24 News: देश की राजधानी दिल्ली में आयोजित ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान हुई घटना को लेकर मामला अब देश की शीर्ष अदालत (सुप्रीम कोर्ट) पहुंच गया है। 20 जुलाई को हुए इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस व सुरक्षा बलों द्वारा पैलेट गन के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। याचिकाकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शनों के दौरान पैलेट गन के उपयोग पर पूरी तरह से रोक लगाने की मांग की है।
सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करने वालों में पूर्व सूचना आयुक्त यशोवर्धन आजाद, वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत कुमार और शेख इरशाद मंसूरी शामिल हैं। इन सभी का दावा है कि प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा चलाई गई पैलेट गन की छर्रों से वे घायल हुए थे। इस मामले में याचिकाकर्ता 25 वर्षीय शेख इरशाद मंसूरी की मेडिको-लीगल केस (MLC) रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें कई अहम खुलासे हुए हैं।
याचिकाकर्ता शेख इरशाद मंसूरी ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शन के दौरान रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) ने अचानक पंप-एक्शन गन से फायरिंग की। जिसके बाद छर्रेनुमा पैलेट गोलियां चारों ओर फैल गईं और उनके शरीर में जा धंसीं। इसके चलते उन्हें तुरंत तेज दर्द हुआ और शरीर से खून बहने लगा, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
सुप्रीम कोर्ट में दायर इस याचिका में मांग की गई है कि लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों के दौरान पैलेट गन जैसे घातक व खतरनाक हथियारों का इस्तेमाल गैर-कानूनी घोषित किया जाए। साथ ही, घटना की निष्पक्ष जांच और घायलों को मुआवजा देने की मांग भी उठाई गई है। अब इस पूरे संवेदनशील मामले पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।



