छत्तीसगढ़

सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, फसल विविधिकरण और आधुनिक तकनीक से खेती बनेगी अधिक लाभकारी – मुख्यमंत्री श्री साय

धान खरीदी, 3100 रुपये दर, कृषक उन्नति योजना और सिंचाई परियोजनाओं पर मुख्यमंत्री का बड़ा बयान; बस्तर में सेवाडेरा के जरिए बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

रायपुर, 5 अगस्त। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित ‘किसान और किसानी-प्रोत्साहन तथा परिणाम’ विषयक राज्यस्तरीय संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न जिलों से आए उत्कृष्ट एवं प्रगतिशील किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, नवाचार और उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि खेती केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था और संस्कृति की रीढ़ है, जिसे अधिक लाभकारी और आधुनिक बनाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने किसान पृष्ठभूमि से जुड़ाव का उल्लेख किया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों की आय बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की रिकॉर्ड खरीदी की गई है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को अभूतपूर्व गति मिली है। इसके अलावा, फसल विविधिकरण को बढ़ावा देने के लिए कृषक उन्नति योजना में बदलाव करते हुए धान के बदले अन्य फसलों जैसे दलहन, तिलहन, मक्का और कोदो-कुटकी की खेती करने वाले किसानों को 15 हजार रुपये प्रति एकड़ आदान सहायता देने का निर्णय लिया गया है।

कृषि को समृद्ध बनाने के लिए सिंचाई परियोजनाओं पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि बस्तर की इंद्रावती नदी पर मटनार और देऊरगांव में 2000 करोड़ रुपये के बैराज तथा 3000 करोड़ रुपये की सिकासार-कोडार नहर लिंकिंग परियोजना पर तेजी से काम जारी है। वहीं बस्तर में नक्सलवाद के खात्मे के बाद सुरक्षा शिविरों को ‘सेवाडेरा’ के रूप में विकसित कर स्थानीय रोजगार व प्रसंस्करण गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। कार्यक्रम में उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, गौसेवा आयोग उपाध्यक्ष राजीव लोचन महाराज सहित भारी संख्या में कृषि विशेषज्ञ व किसान उपस्थित थे।

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