छत्तीसगढ़

ग्रेफाइट केमिकल प्लांट के खिलाफ फूटा ग्रामीणों का गुस्सा: नदी में रसायनयुक्त पानी बहाने का आरोप, आंदोलन की दी चेतावनी

बलरामपुर के महावीरगंज में प्रदूषित पानी से फसलें चौपट, पशुओं की मौत और त्वचा रोग की शिकायत; ग्रामीणों ने की सख्त कार्रवाई की मांग

बलरामपुर/रायपुर, 11 अगस्त। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले से उद्योगजन्य प्रदूषण और जन-आक्रोश का बड़ा मामला सामने आया है। जिले के महावीरगंज क्षेत्र में संचालित ग्रेफाइट केमिकल प्लांट के खिलाफ स्थानीय ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि प्लांट प्रबंधन द्वारा रासायनिक और जहरीला अपशिष्ट जल बिना किसी ट्रीटमेंट के सीधे नजदीकी नदी में बहाया जा रहा है। इस रसायनयुक्त गंदे पानी के कारण नदी का जल पूरी तरह से प्रदूषित और विषैला हो चुका है, जिससे पूरा ग्रामीण इलाका गंभीर पर्यावरणीय और स्वास्थ्य संकट से जूझ रहा है।

स्थानीय निवासियों और किसानों का कहना है कि प्रदूषित पानी का असर आसपास के खेतों पर पड़ रहा है, जिससे खड़ी फसलें पूरी तरह बर्बाद हो रही हैं। नदी का पानी पीने से कई पालतू मवेशियों की मौत हो चुकी है, वहीं ग्रामीणों और बच्चों में गंभीर त्वचा रोग (स्किन एलर्जी) और अन्य बीमारियां तेजी से फैल रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्लांट प्रबंधन मुनाफा कमाने के चक्कर में पर्यावरण नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ा रहा है, जिससे उनका जीना दुश्वार हो गया है।

प्रशासनिक उपेक्षा से नाराज ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से मामले की तत्काल निष्पक्ष जांच करने तथा दोषी केमिकल प्लांट प्रबंधन के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही रसायनयुक्त पानी को नदी में छोड़े जाने पर रोक नहीं लगाई गई और प्रभावितों को मुआवजा नहीं दिया गया, तो वे उग्र जन-आंदोलन और चक्काजाम करने के लिए मजबूर होंगे।

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