Women Empowerment: बिहान योजना से आत्मनिर्भर बनीं शकुंतला राजवाड़े: कम लागत और आधुनिक तकनीक से खेती को मिली नई दिशा
सरगुजा जिले की शकुंतला राजवाड़े बिहान योजना से जुड़कर आत्मनिर्भर बनी हैं। कम लागत में गुणवत्तापूर्ण धान बीज और लाइन विधि से खेती कर वे आर्थिक मजबूती की ओर अग्रसर हैं।

रायपुर, 12 अगस्त 2026 : छत्तीसगढ़ शासन की राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ ग्रामीण महिलाओं को संगठित कर उन्हें आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने में अहम भूमिका निभा रही है। स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को कृषि, पशुपालन और अन्य आयवर्धक गतिविधियों से जोड़कर तकनीकी मार्गदर्शन व बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है। सरगुजा जिले के झूमरपारा की शकुंतला राजवाड़े इसकी प्रेरक मिसाल बनी हैं, जिन्होंने गायत्री स्व-सहायता समूह से जुड़कर कृषि क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किए हैं।
शकुंतला राजवाड़े को उत्पादक समूह के माध्यम से बाजार मूल्य से काफी कम यानी 20 रुपये से कम दर पर उच्च गुणवत्ता वाला धान बीज प्राप्त हुआ, जिससे उनकी खेती की प्रारंभिक लागत में भारी कमी आई। कृषि सखी के मार्गदर्शन में उन्होंने एक एकड़ खेत में धान की रोपाई के लिए आधुनिक लाइन विधि अपनाई है। इस तकनीक से पौधों के बीच सही दूरी, बेहतर प्रबंधन और पैदावार बढ़ाने में सहूलियत मिल रही है, जिससे उनकी आय में वृद्धि का नया आधार तैयार हुआ है।
अम्बिकापुर विकासखंड में बिहान के अंतर्गत सैकड़ों स्व-सहायता समूहों और उत्पादक समूहों के माध्यम से हजारों परिवारों को सीधे व्यवसाय से जोड़ा गया है। शकुंतला राजवाड़े अब ‘लखपति दीदी’ अभियान से जुड़कर अन्य ग्रामीण महिलाओं को भी आजीविका गतिविधियों को अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं। उन्होंने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की इन पहलों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है।



