छत्तीसगढ़

Chhattisgarh Bird Conservation News: केदार कश्यप की पहल से छत्तीसगढ़ में व्यापक Bird Count अभियान, जनभागीदारी से तैयार हो रहा पक्षियों का वैज्ञानिक डेटाबेस

छत्तीसगढ़ के 33 जिलों में Bird Count अभियान के तहत 954 eBird Checklists में 211 पक्षी प्रजातियां दर्ज हुईं। जनभागीदारी से वैज्ञानिक पक्षी डेटाबेस तैयार किया जा रहा है।

Chhattisgarh Bird Conservation News रायपुर, 3 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ में पक्षी संरक्षण और जैव विविधता के वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण को बढ़ावा देने के लिए चलाया जा रहा Bird Count अभियान लगातार विस्तार ले रहा है। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप की पहल और मार्गदर्शन में शुरू हुई यह पहल अब नियमित पक्षी अवलोकन और वैज्ञानिक डेटा संग्रह के जनअभियान का रूप ले रही है। प्रदेश के पक्षी प्रेमी, विशेषज्ञ, विद्यार्थी, युवा, स्वयंसेवक और स्थानीय समुदाय इसमें सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं।

अभियान के तहत प्रतिभागी अपने आसपास मौजूद पक्षियों की पहचान, संख्या, व्यवहार और उनके आवास से जुड़ी जानकारी eBird जैसे Citizen Science प्लेटफॉर्म पर दर्ज कर रहे हैं। इसका उद्देश्य केवल पक्षियों की संख्या गिनना नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ में पक्षियों की विविधता, उनके प्राकृतिक आवास और अलग-अलग क्षेत्रों में वितरण का प्रमाणिक वैज्ञानिक डेटाबेस तैयार करना है।

33 जिलों में 954 चेकलिस्ट से 211 प्रजातियां दर्ज

हरेली बर्ड फेस्टिवल-2026 के दौरान प्रदेश के सभी 33 जिलों में पक्षी अवलोकन गतिविधियां आयोजित की गई थीं। तीन दिवसीय आयोजन के दौरान प्रतिभागियों ने 954 eBird Checklists अपलोड कीं, जिनमें 211 पक्षी प्रजातियों का दस्तावेजीकरण हुआ। इस पहल को अब एक आयोजन तक सीमित न रखते हुए नियमित Bird Count अभियान के तौर पर आगे बढ़ाया जा रहा है।

तालाबों से जंगलों तक पक्षियों की निगरानी

अभियान के दौरान पक्षी प्रेमी तालाबों, आर्द्रभूमियों, नदियों के किनारे, कृषि क्षेत्रों, जंगलों और ग्रामीण-शहरी इलाकों में नियमित पक्षी अवलोकन कर रहे हैं। प्रतिभागियों द्वारा पक्षियों की तस्वीरों के साथ उनकी पहचान और अवलोकन से जुड़ी जानकारी भी साझा की जा रही है। इससे लोगों में स्थानीय पक्षियों और उनके प्राकृतिक आवासों को समझने तथा संरक्षित करने की जागरूकता बढ़ रही है।

विशेषज्ञ दे रहे वैज्ञानिक मार्गदर्शन

Bird Count को वैज्ञानिक आधार देने में अनुभवी Birders और पक्षी विशेषज्ञों की महत्वपूर्ण भूमिका है। विशेषज्ञ प्रतिभागियों को पक्षियों की सही पहचान, व्यवहार, आवास और वैज्ञानिक तरीके से अवलोकन करने की प्रक्रिया की जानकारी दे रहे हैं। इससे सामान्य नागरिक भी व्यवस्थित तरीके से पक्षी अवलोकन कर पा रहे हैं और प्राप्त आंकड़ों की गुणवत्ता बेहतर हो रही है।

युवाओं और स्थानीय समुदायों की भागीदारी

अभियान में विद्यार्थी, युवा, YUVAAN स्वयंसेवक, स्वयं सहायता समूह, वन प्रबंधन समितियां, स्थानीय समुदाय और पक्षी प्रेमी शामिल हो रहे हैं। खासकर युवाओं और विद्यार्थियों में पक्षियों की पहचान तथा प्रकृति संरक्षण को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। अभियान के माध्यम से यह संदेश भी दिया जा रहा है कि पक्षी केवल प्राकृतिक सुंदरता का हिस्सा नहीं, बल्कि कृषि, जंगल और पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

जिला-वार तैयार होगा वैज्ञानिक डेटाबेस

eBird पर लगातार दर्ज किए जा रहे अवलोकनों से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों की पक्षी संबंधी जानकारी एक व्यापक वैज्ञानिक डेटाबेस का हिस्सा बन रही है। भविष्य में इन आंकड़ों के आधार पर जिला-वार पक्षी विविधता, महत्वपूर्ण पक्षी आवास और प्रजातियों के वितरण को समझने में मदद मिलेगी। यह जानकारी आर्द्रभूमियों और पक्षी आवासों की निगरानी तथा संरक्षण योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने में उपयोगी होगी।

Bird Walks और शैक्षणिक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा

वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग Bird Count को निरंतर प्रक्रिया के रूप में आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत नियमित Bird Walks, स्कूल-कॉलेज आधारित गतिविधियां, स्थानीय समुदायों के साथ पक्षी अवलोकन और महत्वपूर्ण आर्द्रभूमियों की निगरानी को बढ़ावा दिया जाएगा।

केदार कश्यप ने नागरिकों, विद्यार्थियों, युवाओं और पक्षी प्रेमियों से अभियान में अधिक से अधिक भागीदारी की अपील की है। उन्होंने कहा कि सरकार और विभाग के साथ समाज की सक्रिय भागीदारी से छत्तीसगढ़ में Citizen Science का मजबूत नेटवर्क तैयार किया जा सकता है। जैव विविधता और पक्षियों का संरक्षण सामूहिक जिम्मेदारी है और जनभागीदारी से ही प्राकृतिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखा जा सकता है।

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