छत्तीसगढ़

Bastar Paddy Procurement News: सहकारिता मंत्री केदार कश्यप की पहल पर बस्तर संभाग में खुलेंगे 29 नवीन धान उपार्जन केंद्र

संभाग के सातों जिलों के किसानों को बड़ी राहत, गांव के नजदीक मिलेगी समर्थन मूल्य पर धान बेचने की सुविधा

Bastar Paddy Procurement News, 4 सितंबर 2026: बस्तर संभाग के किसानों के लिए राज्य सरकार ने बड़ी राहत दी है। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 और आगामी खरीफ विपणन वर्षों के लिए संभाग के सातों जिलों में 29 नए धान उपार्जन केंद्र खोलने की अनुमति दी गई है। सहकारिता मंत्री केदार कश्यप की पहल पर लिए गए इस निर्णय से दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों के किसानों को समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।

सात जिलों में खुलेंगे नए केंद्र

नए धान उपार्जन केंद्रों में बस्तर जिले में सबसे ज्यादा 11 केंद्र खोले जाएंगे। इसके अलावा कांकेर और कोंडागांव में 6-6, सुकमा में 2, नारायणपुर में 2 तथा बीजापुर और दंतेवाड़ा में 1-1 नया केंद्र स्थापित किया जाएगा।

जिला

नए केंद्र

बस्तर

11

कांकेर

6

कोंडागांव

6

बीजापुर

1

सुकमा

2

दंतेवाड़ा

1

नारायणपुर

2

कुल

29

किसानों को गांव के नजदीक मिलेगी धान बेचने की सुविधा

नए केंद्र शुरू होने से बस्तर के दूरस्थ और ग्रामीण इलाकों के किसानों को धान बेचने के लिए लंबी दूरी तय करने की जरूरत कम होगी। इससे परिवहन पर होने वाला खर्च, समय और श्रम बचेगा। साथ ही पुराने खरीदी केंद्रों पर किसानों की भीड़ और दबाव कम होने से पूरी खरीदी व्यवस्था अधिक व्यवस्थित तरीके से संचालित हो सकेगी।

सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि बस्तर संभाग की भौगोलिक परिस्थितियों और दूरस्थ गांवों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए केंद्रों का विस्तार किया गया है। सरकार का उद्देश्य है कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिले और धान बेचने के दौरान उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

बस्तर में इन स्थानों पर बनेंगे केंद्र

बस्तर जिले में बाकेल, चिउरगांव, काकरवाड़ा, धुरागांव, बागमोहलई, सतोषा, कुड़कानार, नंदपुरा और सौतपुर समेत विभिन्न क्षेत्रों में नए धान उपार्जन केंद्र स्थापित किए जाएंगे।

कांकेर जिले में आतुरगांव, कढ़ईखोदरा, करैगांव, कारेगांव, नवागांव (गोडरी) और लक्ष्मीपुर पी.वी.-73 में केंद्र खोले जाएंगे। कोंडागांव जिले में इंगरा, भाटगांव, चलका, चिंगनार, सालेभाट और बड़गांव को नए केंद्रों के लिए चयनित किया गया है।

दक्षिण बस्तर के जिलों को भी मिलेगा लाभ

बीजापुर में उसूर विकासखंड के तिम्मापुर, सुकमा में बड़ेसेट्टी और बुड़दी, दंतेवाड़ा में गीदम विकासखंड के समलूर तथा नारायणपुर में हलामीमुंजमेटा और तारागांव में नए धान उपार्जन केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इससे संभाग के विशेष रूप से दूरस्थ इलाकों में रहने वाले किसानों को सीधा फायदा मिलेगा।

खरीदी से पहले पूरी होंगी जरूरी व्यवस्थाएं

नए उपार्जन केंद्रों पर किसानों की सुविधा के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। बायोमेट्रिक सत्यापन के लिए फिंगरप्रिंट और आईरिस उपकरण, कंप्यूटर, प्रिंटर, यूपीएस, जनरेटर, इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन और नमी मापक यंत्र की व्यवस्था की जाएगी।

इसके अलावा इंटरनेट, बिजली, पर्याप्त रोशनी, पेयजल और पहुंच मार्ग जैसी सुविधाएं भी सुनिश्चित की जाएंगी। धान को सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त स्थान, पॉलीथिन कवर और जल निकासी की व्यवस्था भी की जाएगी।

खरीदी शुरू होने से पहले तैयारियां पूरी करने के निर्देश

सहकारिता मंत्री ने अधिकारियों को धान खरीदी शुरू होने से पहले सभी नए केंद्रों की आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं। केंद्रों के लिए ऊंची और समतल भूमि का चयन करने के साथ किसानों की सुविधा से जुड़ी व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित करने को कहा गया है।

29 नए धान उपार्जन केंद्र खुलने से बस्तर संभाग की खरीदी व्यवस्था का विस्तार होगा और किसानों को अपने क्षेत्र के आसपास ही समर्थन मूल्य पर धान बेचने का विकल्प मिलेगा। इससे धान परिवहन आसान होने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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