Government Scheme News: सरगुजा के शंभू बारी परिवार को योजनाओं से मिला सहारा, भूमिहीन मजदूरी से पक्के घर तक बदली जिंदगी
सरगुजा के शंभू बारी परिवार को भूमिहीन कृषि मजदूर योजना से सालाना 10 हजार रुपये, प्रधानमंत्री आवास से पक्का घर और महतारी वंदन योजना से आर्थिक सहायता मिल रही है।

Government Scheme News रायपुर, 8 सितंबर 2026। शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए सहारा बन रही हैं। सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत पतरापारा निवासी शंभू बारी का परिवार इसका उदाहरण है। भूमिहीन कृषि मजदूर के रूप में जीवनयापन करने वाले शंभू बारी को आर्थिक सहायता के साथ प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण और उनकी पत्नी को महतारी वंदन योजना का लाभ मिल रहा है।
हर साल 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता
शंभू बारी को दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की सहायता मिल रही है। अनिश्चित रोजगार और सीमित आय के बीच मिलने वाली यह राशि परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों में उपयोगी साबित हो रही है। शंभू बारी के मुताबिक, इस राशि से घरेलू खर्च, बीमारी के दौरान उपचार और अन्य जरूरी आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलती है।
प्रधानमंत्री आवास से मिला पक्का आशियाना
लंबे समय तक पक्के मकान की कमी से जूझ रहे शंभू बारी के परिवार को शासन की पहल के तहत भूमि उपलब्ध कराई गई। इसके बाद प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के माध्यम से परिवार को पक्का मकान मिला। अब परिवार सुरक्षित और पक्के घर में रह रहा है। उनके लिए यह आवास बेहतर जीवन और भविष्य की सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव है।
महतारी वंदन से महिलाओं को आर्थिक संबल
परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में महतारी वंदन योजना भी मददगार बनी है। शंभू बारी की पत्नी को योजना के तहत हर महीने 1,000 रुपये की सहायता राशि मिल रही है। नियमित आर्थिक सहयोग का उपयोग परिवार की घरेलू जरूरतों और छोटे-बड़े आवश्यक खर्चों में किया जा रहा है।
कई योजनाओं का मिला एक साथ लाभ
शंभू बारी का कहना है कि अलग-अलग सरकारी योजनाओं से मिले लाभ ने परिवार की स्थिति में सकारात्मक बदलाव किया है। भूमिहीन कृषि मजदूर योजना से वार्षिक आर्थिक सहायता, प्रधानमंत्री आवास योजना से पक्का घर और महतारी वंदन योजना से पत्नी को नियमित आर्थिक सहयोग मिलने से परिवार को आर्थिक सुरक्षा के साथ भविष्य को लेकर भरोसा भी मिला है।
शंभू बारी ने बताया कि साल में मिलने वाली 10 हजार रुपये की सहायता उनके लिए काफी उपयोगी है। उन्होंने कहा कि पक्का घर मिलने से परिवार को सुरक्षित रहने की सुविधा मिली है, जबकि पत्नी को मिलने वाली मासिक सहायता घरेलू जरूरतों में काम आती है।
शंभू बारी ने योजनाओं का लाभ मिलने पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया। उनका कहना है कि सरकारी योजनाओं ने उनके परिवार को केवल आर्थिक मदद नहीं दी, बल्कि सुरक्षित आवास और सम्मानजनक जीवन की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर भी दिया है।



