Aadhaar Verification Workshop: छत्तीसगढ़ में आधार प्रमाणीकरण पर राज्य स्तरीय कार्यशाला, 150 से अधिक अधिकारियों ने लिया हिस्सा
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Aadhaar Verification Workshop रायपुर, 17 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ शासन के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से ‘आधार प्रमाणीकरण एवं सत्यापन’ विषय पर एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें अधिकारियों और कर्मचारियों को आधार प्रमाणीकरण की तकनीकी प्रक्रिया, ऑफलाइन सत्यापन, फेस ऑथेंटिकेशन और आधार सेवाओं के सुरक्षित उपयोग से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी दी गई।
हितग्राही सत्यापन में आधार की भूमिका
कार्यशाला की मुख्य अतिथि खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की सचिव रीना बाबासाहेब कंगाले रहीं। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ सही हितग्राहियों तक पहुंचाने में आधार प्रमाणीकरण महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने अधिकारियों को ऑफलाइन सत्यापन सहित विभिन्न प्रक्रियाओं की जानकारी रखने की आवश्यकता बताई।
उन्होंने कहा कि फिंगरप्रिंट आधारित प्रमाणीकरण से हितग्राहियों की पहचान सुनिश्चित करने में मदद मिली है। इससे सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने और पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की प्रक्रिया को मजबूती मिली है।
33 जिलों में 1,100 से अधिक आधार केंद्र
चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मयंक अग्रवाल ने बताया कि राज्य के सभी 33 जिलों में इन-हाउस मॉडल के तहत 1,100 से अधिक आधार सेवा केंद्र शासकीय परिसरों में संचालित हो रहे हैं। इन केंद्रों के माध्यम से आधार नामांकन और अपडेट की सुविधा नागरिकों को उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में अब तक 3 करोड़ 17 लाख 33 हजार से अधिक आधार पंजीकरण किए जा चुके हैं। नागरिकों तक सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए विभिन्न जिलों में विशेष आधार शिविर भी आयोजित किए गए हैं।
7 लाख से अधिक बच्चों का बायोमेट्रिक अपडेट
विशेष आधार शिविरों के माध्यम से 5 से 15 वर्ष और 15 से 17 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट पर विशेष ध्यान दिया गया। विभाग के अनुसार अब तक 7 लाख से अधिक बच्चों का अनिवार्य बायोमेट्रिक अद्यतन पूरा किया जा चुका है।
14 नए आधार सेवा केंद्रों को मंजूरी
मयंक अग्रवाल ने बताया कि भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण की ओर से छत्तीसगढ़ में 14 नए आधार सेवा केंद्र खोलने की अनुमति दी गई है। इनमें दुर्ग, महासमुंद, रायपुर, बिलासपुर और जांजगीर-चांपा में केंद्रों का संचालन शुरू हो चुका है, जबकि अन्य स्थानों पर काम जारी है।
इसके अलावा चिप्स ने 7 अन्य जिलों में आधार सेवा केंद्र शुरू करने का प्रस्ताव भी UIDAI को भेजा है।
सुरक्षित उपयोग और ऑफलाइन सत्यापन पर जानकारी
नई दिल्ली से आए UIDAI के आधार उपयोग प्रभाग एवं मीडिया निदेशक लेफ्टिनेंट कर्नल प्रवीण चौधरी ने आधार अधिनियम के तहत निर्धारित प्रक्रियाओं और डेटा सुरक्षा प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नागरिक अपने आधार का ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से सत्यापन कर सकते हैं।
उन्होंने आधार के सुरक्षित उपयोग, नागरिक सुविधा और निर्धारित सत्यापन प्रक्रियाओं का पालन करने पर जोर दिया। कार्यशाला में UIDAI के क्षेत्रीय कार्यालय हैदराबाद के निदेशक टी. रामकृष्ण ने भी आधार व्यवस्था के विस्तार, तकनीकी ढांचे और सेवा वितरण तंत्र की जानकारी साझा की।
तकनीकी सत्रों में फेस ऑथेंटिकेशन की जानकारी
तकनीकी सत्रों में ऑफलाइन आधार सत्यापन, फेस ऑथेंटिकेशन और आधार सेवाओं के सुरक्षित इस्तेमाल पर व्यावहारिक जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने सीमित नेटवर्क वाले क्षेत्रों में ऑफलाइन सत्यापन की उपयोगिता और फिंगरप्रिंट या आइरिस प्रमाणीकरण में कठिनाई होने पर फेस ऑथेंटिकेशन के इस्तेमाल की जानकारी दी।
कार्यशाला में छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम, कोष एवं लेखा संचालनालय, खाद्य विभाग, चिप्स समेत विभिन्न विभागों के 150 से अधिक अधिकारियों ने भाग लिया।



