छत्तीसगढ़

Vishwakarma Jayanti Labour Summit: श्रमिक महासम्मेलन में मुख्यमंत्री साय की तीन बड़ी घोषणाएं, 1.43 लाख श्रमिकों को 51.32 करोड़ की सहायता

विश्वकर्मा जयंती पर रायपुर में राज्य स्तरीय श्रमिक महासम्मेलन आयोजित हुआ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने तीन बड़ी घोषणाएं कीं और 1.43 लाख से अधिक श्रमिकों को 51.32 करोड़ रुपये की सहायता दी।

Vishwakarma Jayanti Labour Summit रायपुर, 17 सितंबर 2026। विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में राज्य स्तरीय श्रमिक महासम्मेलन आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशभर से पहुंचे हजारों श्रमिकों को संबोधित करते हुए कहा कि श्रमिकों के परिश्रम और कौशल से ही समृद्ध एवं विकसित छत्तीसगढ़ की नींव मजबूत हो रही है। उन्होंने श्रमिकों के लिए तीन महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं।

श्रमिकों के लिए तीन बड़ी घोषणाएं

मुख्यमंत्री ने शहरों में रोजगार की तलाश में आने वाले श्रमिकों के लिए सर्वसुविधायुक्त आधुनिक श्रमिक सुविधा केंद्र बनाने की घोषणा की। इन केंद्रों में बैठने की व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, मोबाइल चार्जिंग सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही गई।

इसके साथ ही पंजीकृत श्रमिकों के आवागमन को आसान बनाने के लिए ई-बाइक सहायता योजना शुरू करने की घोषणा की गई। असंगठित क्षेत्र के रिक्शा चालकों के लिए ई-रिक्शा खरीदने की सहायता राशि भी 50 हजार से बढ़ाकर 1 लाख रुपये करने का ऐलान किया गया।

1.43 लाख से अधिक श्रमिकों को 51.32 करोड़ की सहायता

महासम्मेलन में मुख्यमंत्री ने श्रम विभाग के विभिन्न मंडलों की 26 योजनाओं के तहत 1 लाख 43 हजार से अधिक श्रमिकों के बैंक खातों में 51 करोड़ 32 लाख रुपये से अधिक की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से अंतरित की।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में पंजीकृत श्रमिकों के लिए तीन श्रम मंडलों के माध्यम से 67 प्रकार की कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं में सामाजिक सुरक्षा के साथ शिक्षा, विवाह सहायता और आर्थिक सशक्तीकरण से जुड़े प्रावधान शामिल हैं। उन्होंने पात्र श्रमिकों से श्रम विभाग में पंजीयन कराने की अपील की।

श्रमिक परिवारों के बच्चों की शिक्षा पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक संसाधनों की कमी श्रमिक परिवारों के प्रतिभावान बच्चों की शिक्षा में बाधा नहीं बननी चाहिए। अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत श्रमिक परिवारों के बच्चों को प्रतिष्ठित निजी आवासीय विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा दी जा रही है। योजना के तहत लाभार्थी बच्चों की संख्या 100 से बढ़ाकर 200 की गई है।

महासम्मेलन में श्रमिक परिवार की प्रतिभाशाली बेटी मनिंदर कौर को लैपटॉप और 1.75 लाख रुपये का चेक प्रदान किया गया। मनिंदर ने JEE परीक्षा उत्तीर्ण कर NIT सूरत में प्रवेश हासिल किया है। सरकार अब उसकी इंजीनियरिंग की पढ़ाई का पूरा खर्च वहन करेगी।

100 श्रमिक दीदियों को ई-रिक्शा की चाबी

दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना के तहत मुख्यमंत्री ने 100 श्रमिक महिलाओं को ई-रिक्शा की चाबी सौंपी और हरी झंडी दिखाकर उन्हें रवाना किया। मुख्यमंत्री और श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने हितग्राही यशोदा विश्वकर्मा के ई-रिक्शा में सवारी भी की।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने श्रमिक महिलाओं से बातचीत कर उनके काम, परिवार और बच्चों की पढ़ाई के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता से पूरे परिवार को मजबूती मिलती है।

ई-रिक्शा सहायता को लेकर मंत्री ने दी जानकारी

श्रम एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि सरकार श्रमिकों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाने के लिए काम कर रही है। उन्होंने बताया कि दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना में सहायता राशि 1 लाख से बढ़ाकर 1.50 लाख रुपये की गई है और महासम्मेलन में 100 श्रमिक महिलाओं को ई-रिक्शा दिए गए।

डिजिटल व्यवस्था को भी बढ़ावा

महासम्मेलन में मुख्यमंत्री ने नवीन उपकर कटौती वेबसाइट का शुभारंभ किया और PVC तथा QR कोड युक्त नए श्रमिक पंजीयन कार्ड का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि तकनीक के माध्यम से श्रमिकों के पंजीयन और योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया को सरल, सुगम और पारदर्शी बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा और उनके परिवारों के सशक्तीकरण को सरकार प्राथमिकता दे रही है। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर हजारों श्रमिकों के साथ ‘आशीर्वाद का दीया’ भी प्रज्ज्वलित किया गया।

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