छत्तीसगढ़

USTR Encroachment Action: उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में 106 हेक्टेयर वनभूमि अतिक्रमण मुक्त, 166 आरोपी चिन्हित

उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के सीतानदी कोर रेंज में 106 हेक्टेयर वनभूमि अतिक्रमण मुक्त कराई गई। ISRO सैटेलाइट और DGPS ड्रोन मैपिंग से सीमांकन हुआ, 166 आरोपी चिन्हित किए गए।

USTR Encroachment Action रायपुर/गरियाबंद, 17 सितंबर 2026। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व (USTR) के सीतानदी कोर रेंज में वनभूमि अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान करीब 106 हेक्टेयर अतिक्रमित वनभूमि को मुक्त कराया गया। कार्रवाई में जिला प्रशासन और पुलिस के सहयोग के साथ धमतरी, गरियाबंद, कांकेर और USTR की महिला वन अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

चार वर्षों में 1,000 हेक्टेयर से अधिक भूमि मुक्त

USTR में पिछले चार वर्षों से वनभूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। विभाग के अनुसार इस अवधि में अलग-अलग क्षेत्रों से 1,000 हेक्टेयर से अधिक वनभूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया जा चुका है।

अभिलेखों के मुताबिक सीतानदी कोर रेंज में वर्ष 2011-13 के दौरान करीब 45 हेक्टेयर अतिक्रमण दर्ज किया गया था। समय के साथ यह क्षेत्र बढ़कर लगभग 106 हेक्टेयर तक पहुंच गया। अतिक्रमण की वास्तविक स्थिति और विस्तार का पता लगाने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया।

ISRO इमेजरी और ड्रोन मैपिंग से सीमांकन

वन विभाग ने ISRO की सैटेलाइट इमेजरी और DGPS आधारित ड्रोन मैपिंग के जरिए क्षेत्र का वैज्ञानिक अध्ययन किया। अलग-अलग वर्षों की सैटेलाइट तस्वीरों का विश्लेषण कर वन क्षेत्र में हुए बदलावों का आकलन किया गया। इसके बाद ड्रोन सर्वे के माध्यम से अतिक्रमित भूमि का सटीक सीमांकन किया गया।

कार्रवाई से जुड़े प्रकरणों में कुल 166 आरोपियों को चिन्हित किया गया है, जिनमें से 40 की गिरफ्तारी की जा चुकी है। विभाग के अनुसार उपलब्ध अभिलेखों, वैज्ञानिक साक्ष्यों और कानूनी दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई जारी है।

मुक्त भूमि पर शुरू हुआ पारिस्थितिक पुनर्स्थापन

अतिक्रमण हटाने के बाद अब मुक्त कराई गई भूमि के पारिस्थितिक पुनर्स्थापन पर भी काम शुरू किया गया है। क्षेत्र में कंटूर ट्रेंच, वर्षाजल संचयन, मृदा-नमी संरक्षण और भू-जल पुनर्भरण जैसे कार्य किए जा रहे हैं। इसके साथ करीब 1,500 पौधों का रोपण भी किया जा रहा है।

यह क्षेत्र हाथी कॉरिडोर का हिस्सा होने के साथ महानदी के उद्गम क्षेत्र के निकट स्थित है। इसलिए वनभूमि का संरक्षण वन्यजीवों की आवाजाही, जल संरक्षण और मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

महिला वनबल ने संभाली अभियान की कमान

अभियान में धमतरी, गरियाबंद, कांकेर और उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व की महिला वन अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली। घुरावाड़, बरबंधा और भुरसीडोंगरी के ग्रामीणों का भी कार्रवाई में सहयोग मिला।

वन मंत्री केदार कश्यप ने अधिकारियों को मुक्त कराए गए क्षेत्र की लगातार निगरानी सुनिश्चित करने और वन एवं वन्यजीव क्षेत्रों में अतिक्रमण के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए हैं।

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