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Bastar Connection: बस्तर से जुड़ी हैं नाना पाटेकर की सुनहरी यादें, 1987-88 में दो बार पहुंचे थे बस्तर

फिल्म ‘आज की महाभारत’ की शूटिंग के लिए करीब एक महीने तक बस्तर में रहे थे नाना पाटेकर, स्थानीय कलाकारों के साथ बिताए यादगार पल

Bastar Connection: जगदलपुर। दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन के बाद बस्तर से जुड़ी उनकी करीब चार दशक पुरानी यादें एक बार फिर चर्चा में हैं। 8 अक्टूबर 2026 को 75 वर्ष की उम्र में नाना पाटेकर का गोवा में निधन हुआ। उनके निधन की खबर के बीच बस्तर के कला जगत में भी उनके पुराने प्रवास और यहां की शूटिंग से जुड़ी यादें ताजा हो गई हैं

बताया जाता है कि 1987-88 के दौरान नाना पाटेकर दो बार बस्तर पहुंचे थे। फिल्म ‘आज की महाभारत’ की शूटिंग के सिलसिले में उन्होंने करीब एक महीने तक बस्तर में समय बिताया था। उस दौरान बस्तर की प्राकृतिक खूबसूरती, स्थानीय संस्कृति और यहां के रंगकर्मियों से उनका जुड़ाव स्थानीय कलाकारों के लिए यादगार अनुभव बना।

बस्तर की वादियों में हुई थी फिल्म की शूटिंग

जानकारी के अनुसार, गंगा प्रोडक्शन के बैनर तले बनी फिल्म ‘आज की महाभारत’ की शूटिंग के लिए नाना पाटेकर के साथ बॉलीवुड के कई चर्चित कलाकार बस्तर पहुंचे थे। फिल्म के अलग-अलग दृश्यों की शूटिंग ओडिशा सीमा से लगे धनपूंजी, देवड़ा मंदिर, चित्रकोट, तीरथगढ़, नया मुंडा और जगदलपुर शहर के आसपास के इलाकों में की गई थी।

बस्तर प्रवास के दौरान नाना पाटेकर ने धरमपुर स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज में भी समय बिताया था। उस दौर में बस्तर जैसे क्षेत्र में बड़े फिल्मी कलाकारों की मौजूदगी स्थानीय लोगों और कला जगत के लिए विशेष आकर्षण का विषय थी।

सुरेश ओबेरॉय और दीप्ति नवल समेत कई कलाकार पहुंचे थे

फिल्म की शूटिंग के दौरान नाना पाटेकर के साथ सुरेश ओबेरॉय, दीप्ति नवल, भारत भूषण और नीता पुरी सहित कई कलाकार बस्तर पहुंचे थे। शूटिंग ने स्थानीय कलाकारों और रंगकर्मियों को बड़े कलाकारों को करीब से देखने, उनसे मिलने और फिल्म निर्माण की प्रक्रिया को समझने का अवसर दिया।

स्थानीय कलाकारों के बीच आज भी याद किए जाते हैं नाना

बस्तर के कला जगत से जुड़ी पुरानी यादों के मुताबिक, नाना पाटेकर ने अपने प्रवास के दौरान स्थानीय कलाकारों और रंगकर्मियों के साथ भी समय बिताया था। उनकी सहजता, सादगी और अभिनय के प्रति समर्पण ने स्थानीय कलाकारों पर प्रभाव छोड़ा। करीब चार दशक पुरानी ये स्मृतियां आज भी बस्तर के रंगमंच और कला जगत से जुड़े लोगों के बीच याद की जाती हैं।

नाना पाटेकर के निधन के बाद बस्तर में उनके पुराने प्रवास और ‘आज की महाभारत’ की शूटिंग से जुड़े किस्से फिर सामने आए हैं। स्थानीय कलाकारों के लिए उनकी ये यात्रा केवल एक फिल्म की शूटिंग भर नहीं थी, बल्कि बस्तर के कला संसार से जुड़ी एक ऐसी स्मृति है, जिसे लंबे समय तक याद किया जाता रहेगा।

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