छत्तीसगढ़

Bastar Seva Sankalp News: 1,986 स्थानों पर जली दीपों की रोशनी, शहीदों को नमन और नक्सलमुक्त बस्तर का संकल्प

बस्तर सेवा संकल्प अभियान के तहत सात जिलों में 1,986 स्थानों पर दीप जलाए गए। शहीद स्मारकों, गांवों, सुरक्षा कैंपों और थानों में शांति व विकास का संकल्प लिया गया।

Bastar Seva Sankalp News: रायपुर, 17 सितंबर 2026। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों की राष्ट्रसेवा और जनसेवा के अवसर पर चल रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत बस्तर संभाग में विशेष ‘बस्तर सेवा संकल्प अभियान’ आयोजित किया गया। सातों जिलों में शहीदों की स्मृति, शांति, सुरक्षा और विकास के संकल्प के साथ कुल 1,986 स्थानों पर दीप प्रज्ज्वलित किए गए।

नक्सल हिंसा से प्रभावित रहे गांवों, शहीद स्मारकों, पुनर्वास केंद्रों, सुरक्षा कैंपों और पुलिस थानों से लेकर कांकेर, झीरम घाटी, सुकमा के कोंटा और कर्रेगुट्टा पहाड़ियों तक दीप जलाए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य लंबे समय तक हिंसा से प्रभावित क्षेत्रों में शांति, सेवा और विश्वास का संदेश पहुंचाना रहा।

107 गांवों में शहीदों की स्मृति में जले दीप

अभियान के तहत उन 107 गांवों में दीप जलाए गए, जहां पहले बड़ी नक्सली घटनाएं हुई थीं और जवानों या आम नागरिकों की जान गई थी। इनमें बीजापुर के 40, सुकमा के 31, दंतेवाड़ा के 11, नारायणपुर के 11, कांकेर के 9, कोंडागांव के 3 और बस्तर जिले के 2 गांव शामिल रहे।

इन गांवों में दीप प्रज्ज्वलन के जरिए हिंसा के दौर से शांति और विकास की ओर बढ़ते बस्तर का संदेश दिया गया।

पुनर्वास केंद्र और शहीद स्मारक भी हुए रोशन

बस्तर के 9 पुनर्वास केंद्रों में भी दीप जलाए गए। वहीं शहीदों की स्मारक प्रतिमाओं और स्मृति स्थलों के आसपास 177 स्थानों पर दीप प्रज्ज्वलित कर शांति और सुरक्षा के लिए बलिदान देने वाले वीरों को श्रद्धांजलि दी गई।

इसके अलावा नक्सल उन्मूलन अभियान में सुरक्षा जवानों को स्थानीय स्तर पर सहयोग मिले ऐसे 147 स्थानों पर भी दीप जलाए गए।

393 सुरक्षा कैंप और 122 थानों में दीप प्रज्ज्वलन

अभियान के अंतर्गत बस्तर संभाग में स्थापित 393 सुरक्षा कैंपों में दीप जलाए गए। इनमें बीजापुर में 130, सुकमा में 91, दंतेवाड़ा में 38, नारायणपुर में 56, कांकेर में 55, कोंडागांव में 10 और बस्तर में 13 कैंप शामिल रहे।

इसी तरह संभाग के 122 पुलिस थानों में भी दीप प्रज्ज्वलित किए गए। यह आयोजन बस्तर में शांति और सुरक्षा के लिए कार्यरत जवानों एवं पुलिसकर्मियों के प्रति सम्मान का प्रतीक रहा।

1,031 पूर्व अति नक्सल प्रभावित गांवों में भी रोशनी

अभियान का सबसे व्यापक हिस्सा उन 1,031 गांवों में रहा, जो पूर्व में अति नक्सल प्रभावित रहे हैं। इनमें बीजापुर के 593, दंतेवाड़ा के 192, नारायणपुर के 93, कांकेर के 85, सुकमा के 32, कोंडागांव के 22 और बस्तर के 14 गांव शामिल हैं।

इन गांवों में दीप जलाकर शांति और विकास के नए दौर का स्वागत किया गया।

सात जिलों में एक साथ जली सेवा संकल्प की ज्योति

जिलेवार आंकड़ों के अनुसार बीजापुर में 824, दंतेवाड़ा में 273, कांकेर में 262, सुकमा में 245, नारायणपुर में 225, कोंडागांव में 99 और बस्तर जिले में 58 स्थानों पर दीप प्रज्ज्वलित किए गए। इस तरह पूरे संभाग में कुल 1,986 स्थानों पर सेवा संकल्प की ज्योति जली।

दीप प्रज्ज्वलन का यह अभियान शहीदों के सम्मान, सुरक्षा जवानों के प्रति कृतज्ञता और बस्तर में शांति एवं विकास के संकल्प से जोड़ा गया। हिंसा से प्रभावित रहे क्षेत्रों में रोशन हुए दीपों के माध्यम से शांति, विश्वास और बेहतर भविष्य की उम्मीद का संदेश दिया गया।

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