छत्तीसगढ़

Sultanpur Lal Peda Recipe: बाटी-चोखा के अलावा सुल्तानपुर के लाल पेड़े भी हैं खास, घर पर ऐसे बनाएं

Sultanpur Lal Peda Recipe: उत्तर प्रदेश का सुल्तानपुर सिर्फ अपनी पहचान और खानपान के लिए ही नहीं, बल्कि खास तरह के लाल पेड़े के लिए भी जाना जाता है। सामान्य पेड़ों से अलग इसका रंग गहरा लाल और स्वाद हल्का कैरेमल जैसा होता है। इसकी खासियत मावे को लंबे समय तक धीमी आंच पर भूनने से आती है।

घंटों भूनने से आता है खास रंग

सुल्तानपुर के लाल पेड़े को बनाने में मावे को भारी तले की कड़ाही में धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए भुना जाता है। लंबे समय तक भुनने से मावा गहरे भूरे से लाल रंग का होने लगता है और उसमें सौंधी खुशबू आती है। इसके बाद चीनी मिलाने से स्वाद में कैरेमल जैसा ट्विस्ट आता है।

लाल पेड़ा बनाने के लिए सामग्री

मावा – 500 ग्राम

बूरा या पिसी चीनी – 200 ग्राम

देसी घी – 2 से 3 बड़े चम्मच

इलायची पाउडर – 1 छोटी चम्मच

घर पर ऐसे बनाएं लाल पेड़ा

1. मावा भूनें: भारी तले की कड़ाही में थोड़ा घी डालकर मावा डालें और धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए भूनें। मावा नीचे चिपके या जले नहीं, इसका ध्यान रखें।

2. रंग बदलने तक पकाएं: मावा धीरे-धीरे गहरे भूरे रंग का होने लगेगा। इसे तब तक भूनें जब तक इसमें अच्छी सौंधी खुशबू न आने लगे।

3. चीनी मिलाएं: आंच धीमी करके इसमें पिसी हुई चीनी डालें। चीनी पिघलकर मावे के साथ मिल जाएगी और मिश्रण में कैरेमल जैसा स्वाद व रंग आने लगेगा।

4. इलायची डालें: जब मिश्रण गाढ़ा होकर कड़ाही के किनारे छोड़ने लगे, तब गैस बंद कर दें। इसमें इलायची पाउडर डालकर अच्छी तरह मिलाएं।

5. पेड़े तैयार करें: मिश्रण को थोड़ा ठंडा होने दें। हाथों पर हल्का घी लगाकर इसके छोटे-छोटे गोल और चपटे पेड़े बना लें।

क्यों खास है सुल्तानपुर का लाल पेड़ा?

लंबे समय तक भूनने के कारण मावे की नमी काफी कम हो जाती है, जिससे पेड़े का स्वाद और बनावट सामान्य पेड़े से अलग हो जाती है। भुने मावे से इसमें हल्का सौंधा और कैरेमल जैसा स्वाद आता है।

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