छत्तीसगढ़

Bilaspur News: बिलासपुर में DMF फंड से 250 से अधिक अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति, सरकारी स्कूलों में अब सुधरेगी पढ़ाई की व्यवस्था

Bilaspur News: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के शासकीय विद्यालयों में लंबे समय से रिक्त चल रहे शिक्षक पदों के कारण प्रभावित हो रही पठन-पाठन की व्यवस्था को सुधारने के लिए जिला प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने और छात्र-छात्राओं का भविष्य सुरक्षित करने के उद्देश्य से जिला खनिज न्यास (DMF) फंड के जरिए 250 से अधिक अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। इस वैकल्पिक व्यवस्था से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई का स्तर मजबूत होगा।

जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) के सख्त निर्देशों के तहत बिल्हा ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले शासकीय प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक, हाई स्कूल, हायर सेकेंडरी और स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों (सेजेस) में यह नियुक्तियां की गई हैं। जिला शिक्षा कार्यालय से प्राप्त आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस विशेष व्यवस्था के तहत प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक स्तर पर कुल 93 शिक्षकों को तैनात किया गया है, जिन्हें प्रति कालखंड 75 रुपये मानदेय दिया जाएगा।

इसी प्रकार, हाई और हायर सेकेंडरी स्तर के विद्यालयों के लिए कुल 157 शिक्षकों की नियुक्ति की गई है, जिन्हें प्रति कालखंड 100 रुपये का मानदेय प्रदान किया जाएगा। प्रशासन द्वारा तय किए गए इस मानदेय और कालखंड आधारित व्यवस्था से स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर होगी और नियमित कक्षाओं का संचालन सुचारू रूप से हो सकेगा, जिससे बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होने वाले विद्यार्थियों को भी बड़ी राहत मिलेगी।

स्थानीय पालकों और शिक्षाविदों ने प्रशासन के इस कदम की सराहना करते हुए कहा है कि शिक्षकों के अभाव में बच्चों की पढ़ाई का जो नुकसान हो रहा था, उस पर अब काफी हद तक रोक लगेगी। कई स्कूलों में लंबे समय से पद खाली होने के कारण पाठ्यक्रम समय पर पूरा होने में दिक्कत आ रही थी, लेकिन अब अतिथि शिक्षकों की सेवाएं मिलने से विद्यार्थियों को विषयों को समझने में आसानी होगी।

जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग लगातार यह सुनिश्चित करने में जुटा हुआ है कि जिले के किसी भी स्कूल में शिक्षकों की कमी के कारण बच्चों की शिक्षा बाधित न हो। विभागीय अधिकारियों द्वारा इन नियुक्त किए गए अतिथि शिक्षकों की कार्यप्रणाली और स्कूलों में उपस्थिति पर भी लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी, ताकि व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी और प्रभावी बनी रहे।

आगामी समय में यदि अन्य ब्लॉकों से भी ऐसी आवश्यकता सामने आती है, तो वहां भी स्थानीय स्तर पर इसी प्रकार के कदम उठाए जाने की संभावना है। बिलासपुर जिले में उठाई गई इस पहल से सरकारी स्कूलों में शिक्षा का माहौल सुधरेगा और प्रतिभावान विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण प्राप्त हो सकेगा।

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