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Heart Attack Risk: साइलेंट किलर है शरीर की सूजन! जानिए कैसे बढ़ा सकती है हार्ट अटैक का खतरा

क्रोनिक इन्फ्लेमेशन और दिल की बीमारियों का गहरा कनेक्शन; पहचानें लक्षण, कारण और बचाव के तरीके

Bol Bharat 24 News: जब भी हम ‘सूजन’ (Inflammation) शब्द सुनते हैं, तो आमतौर पर हमारा ध्यान चोट लगने, मोच आने या किसी अंग के सूज जाने पर जाता है। लेकिन चिकित्सा विज्ञान के अनुसार, शरीर के भीतर होने वाली अंदरूनी या पुरानी सूजन (Chronic Inflammation) एक बेहद खतरनाक ‘साइलेंट किलर’ है। हालिया शोध और डॉक्टरों के मुताबिक, शरीर की यह अंदरूनी सूजन सीधे तौर पर दिल के दौरे (Heart Attack) और स्ट्रोक के खतरे को कई गुना बढ़ा देती है।

धमनियों (Arteries) के अंदर होने वाली सूजन दिल तक खून के सामान्य बहाव को रोकती है, जो आगे चलकर जानलेवा साबित हो सकता है।

कैसे बढ़ती है दिल के दौरे की आशंका?

चिकित्सकों के अनुसार, जब शरीर में लंबे समय तक सूजन बनी रहती है, तो यह हमारी रक्त वाहिकाओं (Blood Vessels) को नुकसान पहुंचाने लगती है।

प्लाक का जमना (Plaque Formation): सूजन के कारण धमनियों की दीवारों पर कोलेस्ट्रॉल, वसा और अन्य पदार्थों का मिश्रण (जिसे प्लाक कहते हैं) जमा होने लगता है।

धमनियों का सिकुड़ना: धमनियों के अंदरूनी हिस्से में सूजन आने से रक्त मार्ग संकरा (पतला) हो जाता है, जिससे दिल को खून पंप करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है।

प्लाक का फटना: सबसे खतरनाक स्थिति तब होती है जब सूजन के कारण धमनियों में जमा यह प्लाक अचानक फट जाता है। प्लाक फटने से वहां तुरंत खून का थक्का (Blood Clot) जम जाता है, जो दिल तक जाने वाले खून को पूरी तरह रोक देता है और व्यक्ति को हार्ट अटैक आ जाता है।

अंदरूनी सूजन के मुख्य कारण

शरीर में क्रोनिक इन्फ्लेमेशन बढ़ने के पीछे कई मुख्य वजहें होती हैं:

खराब जीवनशैली: अत्यधिक तनाव, नींद की कमी और शारीरिक निष्क्रियता (Work Out न करना)।

असंतुलित खान-पान: रिफाइंड शुगर, जंक फूड, ट्रांस फैट और अत्यधिक तैलीय भोजन का सेवन।

नशीले पदार्थों का सेवन: धूम्रपान (Smoking) और शराब का अधिक सेवन धमनियों में सूजन को सीधे बढ़ावा देता है।

पुरानी बीमारियां: मोटापा, टाइप-2 डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसी स्थितियां शरीर में सूजन के स्तर को लगातार बनाए रखती हैं।

लक्षण: जिन्हें नजरअंदाज करना पड़ेगा भारी

अंदरूनी सूजन के लक्षण शुरुआत में बहुत सामान्य लग सकते हैं, लेकिन इन्हें पहचानना जरूरी है:

बिना वजह लगातार थकान और कमजोरी महसूस होना।

छाती में हल्का भारीपन या बेचैनी रहना।

जोड़ों और मांसपेशियों में लगातार दर्द होना।

पाचन क्रिया का लगातार खराब रहना (एसिडिटी या ब्लोटिंग)।

बचाव के उपाय: ऐसे रखें अपने दिल को सुरक्षित

शरीर की सूजन को कम करके हार्ट अटैक के खतरे को काफी हद तक टाला जा सकता है। इसके लिए अपनी दिनचर्या में ये सुधार करें:

एंटी-इन्फ्लेमेटरी डाइट लें: अपने भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियां, टमाटर, बेरीज, नट्स (बादाम, अखरोट), ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर चीजें और जैतून का तेल (Olive Oil) शामिल करें।

नियमित व्यायाम: रोज कम से कम 30 से 45 मिनट वॉक, योग या कार्डियो एक्सरसाइज करें।

तनाव प्रबंधन: मेडिटेशन और प्राणायाम के जरिए मानसिक तनाव को कम करें।

नियमित जांच: समय-समय पर डॉक्टर की सलाह से hs-CRP (High-Sensitivity C-Reactive Protein) टेस्ट कराएं, जो शरीर में सूजन के स्तर को मापता है।

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