छत्तीसगढ़

CGPSC भर्ती घोटाला: आरोपी उत्कर्ष चंद्राकर के ठिकाने से 8 लाख रुपये नकद बरामद, ईडी ने जब्त किए अहम डिजिटल रिकॉर्ड

सीजीपीएससी घोटाले की जांच हुई तेज: ईडी के छापों में बड़ा खुलासा, उत्कर्ष चंद्राकर के घर से मिले 8 लाख कैश और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य

रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) भर्ती विवाद में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। ईडी द्वारा छत्तीसगढ़ के कई जिलों में एक साथ की गई छापेमारी के दौरान केस से जुड़े आरोपी उत्कर्ष चंद्राकर के ठिकाने से 8 लाख रुपये की नकदी बरामद की गई है। इस बड़ी रिकवरी के बाद से प्रदेश के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर हड़कंप मच गया है।

केंद्रीय जांच एजेंसी ने रायपुर, भिलाई, दुर्ग और राजनांदगांव सहित प्रदेश के कई शहरों में एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की थी। यह कार्रवाई सीजीपीएससी के पूर्व पदाधिकारियों और मामले से जुड़े अन्य आरोपियों के ठिकानों पर केंद्रित थी। छापे के दौरान ईडी को न केवल भारी मात्रा में संदिग्ध दस्तावेज मिले हैं, बल्कि कई अहम डिजिटल रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य भी हाथ लगे हैं, जिन्हें जांच एजेंसी ने आगे की फॉरेंसिक एनालिसिस के लिए अपने कब्जे में ले लिया है।

गौरतलब है कि सीजीपीएससी भर्ती घोटाले की मुख्य जांच पहले केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा की जा रही थी, जिसकी चार्जशीट के आधार पर अब ईडी ने पैसों के अवैध लेन-देन (मनी लॉन्ड्रिंग) को लेकर अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। उत्कर्ष चंद्राकर पर पहले भी परीक्षार्थियों से मोटी रकम लेकर पेपर लीक करने और उन्हें परीक्षा पास कराने के गंभीर आरोप लग चुके हैं। ईडी अब जब्त किए गए डिजिटल डेटा और कैश के मुख्य स्रोतों को खंगालने में जुट गई है, जिससे आने वाले दिनों में कुछ और बड़े चेहरों पर गाज गिर सकती है।

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