Chhattisgarh BJP Politics: ‘तुलसी’ पर कांग्रेस के तंज से गरमाई सियासत, कन्हैया शुक्ला बोले— स्मृति ईरानी के छत्तीसगढ़ आने से इतनी बेचैनी क्यों?
छत्तीसगढ़ भाजपा प्रभारी नियुक्त होने के बाद स्मृति ईरानी पर कांग्रेस के ‘तुलसी’ तंज को लेकर कन्हैया शुक्ला ने प्रतिक्रिया दी और राजनीतिक अनुभव का हवाला देते हुए पलटवार किया।

Chhattisgarh BJP Politics रायपुर। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ भाजपा का प्रदेश प्रभारी बनाए जाने के बाद प्रदेश में सोशल मीडिया पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा ने 23 सितंबर को संगठनात्मक नियुक्तियों के तहत स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ के साथ हरियाणा का भी प्रभारी बनाया है।
इस नियुक्ति के बाद कांग्रेस की ओर से सोशल मीडिया पर स्मृति ईरानी के लोकप्रिय टीवी किरदार ‘तुलसी’ का संदर्भ लेते हुए पोस्ट किया गया। इसी पोस्ट पर कन्हैया शुक्ला ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस पर पलटवार किया। शुक्ला ने सवाल उठाया कि स्मृति ईरानी के छत्तीसगढ़ प्रभारी बनने से कांग्रेस इतनी बेचैन क्यों है और इसका प्रदेश कांग्रेस के पदाधिकारियों पर क्या राजनीतिक असर पड़ने वाला है।
शुक्ला ने अपनी पोस्ट में स्मृति ईरानी के राजनीतिक अनुभव का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें केवल उनके टीवी किरदार ‘तुलसी’ के संदर्भ में देखना उचित नहीं है। उन्होंने उनके केंद्रीय मंत्री और भाजपा संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियां संभालने का हवाला देते हुए कांग्रेस से उनके राजनीतिक रिकॉर्ड पर चर्चा करने की बात कही। स्मृति ईरानी पूर्व में केंद्रीय मंत्री रही हैं और 2019 में अमेठी लोकसभा सीट से राहुल गांधी को पराजित कर सांसद बनी थीं।
कन्हैया शुक्ला ने कांग्रेस की पोस्ट पर कटाक्ष करते हुए लिखा कि प्रदेश भाजपा के नेताओं को स्मृति ईरानी को केवल छत्तीसगढ़ प्रभारी के रूप में नहीं देखना चाहिए, बल्कि कांग्रेस की प्रतिक्रियाओं पर भी नजर रखनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस की प्रतिक्रिया से नई नियुक्ति को लेकर उसकी चिंता दिखाई दे रही है। यह शुक्ला की राजनीतिक टिप्पणी है, स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य नहीं।
गौरतलब है कि स्मृति ईरानी ने टीवी धारावाहिक ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ में ‘तुलसी विरानी’ की भूमिका से व्यापक पहचान हासिल की थी। इसके बाद उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया और भाजपा संगठन, राज्यसभा, लोकसभा तथा केंद्र सरकार में विभिन्न जिम्मेदारियां संभालीं। अब उन्हें छत्तीसगढ़ भाजपा के संगठनात्मक प्रभार की जिम्मेदारी दी गई है।



