Bastar Tourism Push: भारत के ‘नायाग्रा’ चित्रकोट के पास आकार लेगी विश्वस्तरीय टेंट सिटी; पीपीपी मॉडल पर खर्च होंगे 25 करोड़ रुपये
मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में पीपीपीएसी की बैठक में मास्टर प्लान पर मुहर; एडवेंचर स्पोर्ट्स, डेस्टिनेशन वेडिंग और कॉन्फ्रेंस हॉल से बस्तर में बढ़ेगा रोजगार

रायपुर, 21 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ में बस्तर के पर्यटन को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने और सुविधाओं का विस्तार करने के उद्देश्य से एक बड़ा प्रोजेक्ट शुरू होने जा रहा है। मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित सार्वजनिक निजी भागीदारी मूल्यांकन समिति (PPPAC) की बैठक में चित्रकोट जलप्रपात के समीप स्थित तीरथ गांव में एक भव्य ‘टेंट सिटी’ (Tent City) विकसित करने के प्रस्ताव पर विस्तृत मंथन किया गया।
25 करोड़ का निवेश, जलप्रपात से महज 500 मीटर की दूरी पर बनेगी टेंट सिटी
बैठक के दौरान पर्यटन विभाग के अधिकारियों द्वारा दिए गए प्रोजेक्ट के ब्योरे के अनुसार:
प्रोजेक्ट मॉडल व लागत: यह पूरा प्रोजेक्ट पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर विकसित किया जाएगा, जिस पर लगभग 25 करोड़ रुपये का निवेश होगा।
सटीक लोकेशन: टेंट सिटी का निर्माण बस्तर जिले के ग्राम तीरथ में चित्रकोट जलप्रपात से महज 500 मीटर की दूरी पर किया जाएगा।
आधुनिक सुविधाएं: टेंट सिटी परिसर में पर्यटकों के लिए एडवेंचर एक्टिविटी (रोमांचक खेल), डेस्टिनेशन वेडिंग वेन्यू, कॉन्फ्रेंस हॉल और अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
सालभर मिलेगा रोजगार, मास्टर प्लान बनाने के निर्देश
मुख्य सचिव का विजन:
मुख्य सचिव विकासशील ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चित्रकोट जलप्रपात क्षेत्र को ‘वर्ल्ड क्लास टूरिज्म डेस्टिनेशन’ के रूप में स्थापित करने के लिए एक समग्र मास्टर प्लान तैयार किया जाए। देश के सबसे बड़े जलप्रपातों में शामिल चित्रकोट के पास टेंट सिटी बनने से बस्तर में पूरे साल भर पर्यटकों की आवाजाही बनी रहेगी, जिससे स्थानीय युवाओं को सीधे रोजगार और स्वरोजगार के बेहतरीन अवसर मिलेंगे।
इस उच्चस्तरीय बैठक में वित्त सचिव रोहित यादव, पर्यटन एवं संस्कृति सचिव एस. भारतीदासन, पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य सहित पर्यटन विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



