Crop Protection Alert: छत्तीसगढ़ में फसल सुरक्षा पर जोर, क्रॉप डॉक्टर ऐप से कीट-रोगों की पहचान में मिलेगी मदद
छत्तीसगढ़ में किसानों को क्रॉप डॉक्टर ऐप, कृषि विज्ञान केंद्रों और मोबाइल कृषि परामर्श के जरिए कीट-रोगों की पहचान एवं फसल सुरक्षा के लिए वैज्ञानिक मार्गदर्शन लेने की सलाह दी गई।

Crop Protection Alert रायपुर, 18 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ में किसानों की फसलों को कीट एवं रोगों से होने वाले नुकसान से बचाने और उत्पादन की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए फसल स्वास्थ्य प्रबंधन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम के निर्देशों के अनुरूप किसानों को फसलों में कीट-रोगों की समय पर पहचान, वैज्ञानिक निदान और उचित नियंत्रण उपाय अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के क्रॉप डॉक्टर ऐप, कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) के वैज्ञानिकों और क्षेत्रीय कृषि परामर्श सेवाओं के माध्यम से किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन लेने की सलाह दी गई है। पत्तियों का पीला पड़ना, धब्बे आना, पौधों का मुरझाना और तनों या जड़ों को नुकसान पहुंचने जैसे लक्षण दिखाई देने पर किसान ऐप की मदद से संभावित समस्या की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। क्रॉप डॉक्टर ऐप यहां से प्राप्त करें।
कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि फसलों में असामान्य लक्षण दिखाई देने पर बिना सही पहचान के कीटनाशकों या अन्य कृषि रसायनों का छिड़काव न करें। गंभीर या अस्पष्ट समस्याओं में कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों से संपर्क कर फसल का नाम, किस्म, वर्तमान अवस्था, प्रभावित पत्तियों की तस्वीरें और पहले इस्तेमाल किए गए उर्वरकों एवं रसायनों की जानकारी साझा करें। इससे समस्या का सही आकलन करने और उपयुक्त उपचार तय करने में मदद मिलेगी। मौसम, फसल की अवस्था और क्षेत्र में कीट-रोगों की संभावना के अनुसार मोबाइल संदेशों तथा आधिकारिक कृषि परामर्श का लाभ लेने की भी अपील की गई है। कृषि रसायनों का उपयोग करते समय निर्धारित मात्रा, प्रतीक्षा अवधि और सुरक्षा निर्देशों का पालन करना जरूरी है। समय पर पहचान और वैज्ञानिक प्रबंधन से फसल नुकसान कम करने, कृषि लागत नियंत्रित रखने और उत्पादन की गुणवत्ता बनाए रखने में मदद मिल सकती है।



