CG Teacher Recruitment Protest: छत्तीसगढ़ में डीएड अभ्यर्थियों के आंदोलन के 206 दिन पूरे; विधानसभा घेराव के लिए निकाली ‘दण्डवत् प्रणाम रैली’, पुलिस ने गेट पर ही रोका
2,300 रिक्त पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर नया रायपुर में प्रदर्शन; कोर्ट के आदेश के बाद भी प्रक्रिया शुरू न होने पर फूटा बेरोजगारों का गुस्सा

रायपुर, 17 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ में सरकारी शिक्षक की नौकरी और तत्काल नियुक्ति पत्र जारी करने की मांग को लेकर महीनों से सड़कों पर बैठे डीएड (D.Ed) अभ्यर्थियों का सब्र अब पूरी तरह टूट चुका है। नया रायपुर के तूता धरना स्थल पर जारी उनके अनवरत आंदोलन को गुरुवार को 206 दिन पूरे हो गए। इस लंबे संघर्ष और प्रशासनिक उपेक्षा के खिलाफ अपना कड़ा विरोध दर्ज कराने के लिए सैकड़ों हताश अभ्यर्थियों ने धरना स्थल से ‘दण्डवत् प्रणाम रैली’ निकाली और विधानसभा घेराव के लिए आगे बढ़े।
हालांकि, विधानसभा की ओर कूच कर रहे आक्रोशित युवाओं को पहले से मुस्तैद भारी पुलिस बल ने बैरिकेड्स लगाकर धरना स्थल के मुख्य द्वार पर ही रोक दिया। इस दौरान पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच काफी देर तक तीखी बहस और हल्की झूमाझटकी भी देखने को मिली।
न्यायालय के आदेश के बावजूद 2,300 पदों पर भर्ती अटकी
सड़क पर दण्डवत् करते हुए आगे बढ़ रहे डीएड अभ्यर्थियों ने शासन और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं:
न्यायालय के फैसलों की अनदेखी: प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का कहना है कि उनके पक्ष में उच्च न्यायालय (हाईकोर्ट) के स्पष्ट दिशा-निर्देश और आदेश आ चुके हैं। इसके बावजूद स्कूल शिक्षा विभाग और शासन के आला अधिकारी जानबूझकर 2,300 रिक्त पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया को अटकाए हुए हैं।
भविष्य के साथ खिलवाड़: आंदोलनकारियों ने कहा कि कड़कड़ाती ठंड, चिलचिलाती धूप और अब भारी बारिश के बीच वे पिछले 200 से अधिक दिनों से खुले आसमान के नीचे अपनी जायज मांग को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन सरकार की संवेदनहीनता के कारण उनका भविष्य अंधकार में डूबा हुआ है।
मांग पूरी न होने तक डटे रहने का संकल्प
रैली को गेट पर रोके जाने के बाद अभ्यर्थी वहीं सड़क पर धरने पर बैठ गए और शासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का प्रतिनिधित्व कर रहे डीएड संघ के पदाधिकारियों ने दोटूक शब्दों में चेतावनी दी है कि वे अब कदम पीछे नहीं खींचेंगे। जब तक शिक्षा विभाग उनके हक में त्वरित नियुक्ति पत्र जारी करने का ठोस और लिखित आदेश प्रस्तुत नहीं करता, तब तक उनका यह अनशन और उग्र आंदोलन लगातार जारी रहेगा।



