छत्तीसगढ़

CG Tribal Health Initiative: गौरेला के दुर्गम बैगा अंचल तक पहुँचे विशेषज्ञ डॉक्टर; छिरहिट्टी विशेष स्वास्थ्य शिविर में 164 ग्रामीणों का निःशुल्क इलाज

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में अंतिम छोर तक पहुँचीं चिकित्सा सेवाएं; हड्डी, महिला एवं नेत्र रोग विशेषज्ञों ने गांव पहुंचकर जांचीं बीमारियां

रायपुर, 17 जुलाई 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा राज्य के अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की प्रतिबद्धता धरातल पर रंग ला रही है। इसी कड़ी में स्वास्थ्य विभाग छत्तीसगढ़ द्वारा विशेष पिछड़ी जनजातीय (PVTG) बैगा समुदाय तक आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की सीधी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए एक बड़ी पहल की गई है। विकासखंड गौरेला के अत्यंत दुर्गम, पथरीले और बैगा आदिवासी बाहुल्य ग्राम छिरहिट्टी (साल्हेघोरी) में एक वृहद विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने स्वयं पहुंचकर आदिवासियों का इलाज किया।

164 ग्रामीणों की मुफ्त जांच, परामर्श और दवाओं का वितरण

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी रामेश्वर शर्मा के सीधे मार्गदर्शन में आयोजित इस स्वास्थ्य शिविर में दूरस्थ अंचल की जमीनी हकीकत और स्वास्थ्य स्थिति के बड़े आंकड़े सामने आए हैं:

निःशुल्क संपूर्ण उपचार: शिविर में कुल 164 ग्रामीणों का विस्तृत स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। मानसून के मौसम में फैलने वाली मौसमी बीमारियों की रोकथाम, मलेरिया, डायरिया, कुपोषण और गंभीर रोगों की प्रारंभिक स्तर पर पहचान करने के उद्देश्य से यह शिविर संजीवनी साबित हुआ।

दवाइयों का ऑन-स्पॉट वितरण: जांच के बाद जरूरतमंद मरीजों को तत्काल राहत देने के लिए शिविर स्थल पर ही उच्च गुणवत्ता वाली दवाइयों का निःशुल्क वितरण किया गया, जिससे ग्रामीणों को शहर या ब्लॉक मुख्यालय के चक्कर काटने से मुक्ति मिली।

पहली बार गांव पहुँचे इन गंभीर रोगों के विशेषज्ञ डॉक्टर

बैगा अंचल के इतिहास में यह पहली बार हुआ जब इतने बड़े स्तर पर चिकित्सा विशेषज्ञों का दल सीधे झोपड़ियों तक पहुँचा। शिविर में अपनी सेवाएं देने वाले प्रमुख डॉक्टरों और अधिकारियों की सूची इस प्रकार है:

विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम: शिविर में विशेष रूप से हड्डी रोग विशेषज्ञ, महिला रोग विशेषज्ञ (गायनेकोलॉजिस्ट), नेत्र रोग विशेषज्ञ और मेडिसिन विशेषज्ञ शामिल थे। इसके साथ ही मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक तथा खंड चिकित्सा अधिकारी गौरेला सहित स्वास्थ्य विभाग का पूरा मैदानी अमला पूरे समय मुस्तैद रहकर व्यवस्था संभालता रहा।

अस्पताल तक नहीं, मरीज तक पहुंचना ही सुशासन: स्वास्थ्य विभाग

स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों ने बताया कि विशेष पिछड़ी जनजातियों तक विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना साय सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार केवल बड़े अस्पतालों की इमारतें बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि अत्यंत जरूरतमंद लोगों तक स्वयं चलकर जाना ही सुशासन की वास्तविक पहचान है।

इस मुहिम के तहत स्वास्थ्य अमला न केवल इलाज कर रहा है, बल्कि बैगा परिवारों को स्वच्छता, शुद्ध पेयजल, पोषण, मौसमी बीमारियों से बचाव और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक भी कर रहा है। गंभीर रूप से बीमार पाए गए मरीजों को आवश्यकतानुसार उच्च चिकित्सा संस्थानों (रेफरल सेंटर) में भर्ती कराने की व्यवस्था भी की गई है।

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