छत्तीसगढ़

National Recognition for Dhamtari: कोलकाता में गूंजी धमतरी के ‘PACS ड्रोन मॉडल’ की गूंज; सीएससी स्थापना दिवस पर मिला विशेष सम्मान

डिजिटल खेती और किसान रजिस्ट्री में धमतरी बना देश का रोल मॉडल; जिला पंचायत सीईओ जयंत नाहटा ने राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत की आधुनिक कृषि की नई कार्ययोजना

रायपुर/धमतरी, 18 जुलाई 2026। कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड के 17वें स्थापना दिवस के अवसर पर पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित धोनो धान्यो ऑडिटोरियम में एक भव्य राष्ट्रीय समारोह आयोजित किया गया। इस प्रतिष्ठित मंच पर छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले की अभिनव पहल ‘PACS ड्रोन मॉडल’ को राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी और विशेष पहचान मिली है। समारोह में धमतरी जिले द्वारा प्राथमिक कृषि साख समितियों (PACS) के माध्यम से ग्रामीण अंचलों में संचालित की जा रही उन्नत ड्रोन सेवाओं, डिजिटल क्रॉप सर्वे (डिजिटल फसल सर्वेक्षण) और किसान पंजीयन (फार्मर रजिस्ट्री) जैसे आधुनिक कृषि नवाचारों की खुले मंच से सराहना की गई। इस राष्ट्रीय कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पश्चिम बंगाल शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री दिलीप घोष थे।

‘वन स्टॉप रूरल सर्विस सेंटर’ के रूप में बदल रहे हैं PACS

समारोह के दौरान आयोजित “PACS के माध्यम से कृषि उन्नयन” विषयक पैनल चर्चा में धमतरी के जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) जयंत नाहटा ने विशेष वक्ता के रूप में हिस्सा लिया। उन्होंने धमतरी के सफल मॉडल को देश के सामने रखते हुए भविष्य का रोडमैप प्रस्तुत किया:

10 समितियों में ड्रोन से छिड़काव: जयंत नाहटा ने बताया कि वर्तमान में धमतरी जिले की 10 प्राथमिक कृषि साख समितियों (PACS) के माध्यम से खेतों में नैनो यूरिया और तरल उर्वरकों का ड्रोन द्वारा छिड़काव किया जा रहा है। यह तकनीक आधारित पहल पूरे छत्तीसगढ़ में धमतरी की एक अनूठी और पहली पहचान है।

एक ही छत के नीचे मिलेंगी सभी सुविधाएं: जिला प्रशासन अब जिले के सभी PACS को ‘वन स्टॉप रूरल सर्विस सेंटर’ के रूप में विकसित करने की योजना पर काम कर रहा है। आने वाले समय में किसानों को कृषि यंत्रीकरण, फसल बीमा, डिजिटल सेवाएं, वित्तीय व बैंकिंग लेनदेन और किसान पंजीयन की सुविधाएं अपने गांव के पास एक ही स्थान पर मिल सकेंगी।

कृषि लागत कम करने और आय बढ़ाने में तकनीक की बड़ी भूमिका

समारोह में देश भर से जुटे कृषि और तकनीकी विशेषज्ञों ने माना कि ग्रामीण क्षेत्रों में ड्रोन जैसी आधुनिक तकनीकों का विस्तार किसानों की खेती की लागत को कम करने, कीटनाशकों के सुरक्षित छिड़काव और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में क्रांतिकारी कदम साबित होगा। इस अवसर पर देश भर में बेहतरीन कार्य करने वाले सीएससी-व्हीएलई (VLE) को पदक देकर सम्मानित भी किया गया।

इस गरिमामय राष्ट्रीय समारोह में पश्चिम बंगाल शासन के सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के अपर मुख्य सचिव, भारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय के सचिव और सीएससी ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड के प्रबंध निदेशक व मुख्य कार्यपालन अधिकारी अखिल कुमार सहित देश भर के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और डिजिटल इंडिया के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

Related Articles

Back to top button