Governance News : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सौर ऊर्जा क्रांति से बदल रही प्रदेश की तस्वीर, ‘पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना’ से परिवारों को मिल रही आर्थिक राहत
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के लखन लाल कश्यप का बिजली बिल हुआ शून्य; रूफटॉप सोलर पर केंद्र व राज्य सरकार से मिल रहा भारी अनुदान

रायपुर, 6 अगस्त। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ और हरित ऊर्जा के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। राज्य में ‘प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना’ का प्रभावी क्रियान्वयन हजारों परिवारों के जीवन में आर्थिक समृद्धि, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण का नया अध्याय लिख रहा है। यह योजना न केवल आम नागरिकों को महंगे बिजली बिलों से मुक्ति दिला रही है, बल्कि प्रदेश को स्वच्छ एवं अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मजबूत आधारशिला साबित हो रही है।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले के पेंड्रा निवासी लखन लाल कश्यप इस ऊर्जा क्रांति की एक प्रत्यक्ष मिसाल बने हैं। उन्होंने योजना के तहत आवेदन कर अपने घर की छत पर 5 किलोवाट क्षमता का सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापित कराया है। लखन लाल ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा प्राप्त वित्तीय अनुदान के कारण संयंत्र लगाने की लागत काफी कम हो गई। अब उनका मासिक बिजली बिल घटकर पूरी तरह शून्य हो गया है, जिससे होने वाली आर्थिक बचत का उपयोग वे परिवार की अन्य जरूरतों में कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशों पर राज्यभर में आम नागरिकों को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। छतों पर सोलर पैनल लगाने से जहां घरेलू बजट पर पड़ने वाला अतिरिक्त वित्तीय भार खत्म हो रहा है, वहीं कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने और प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखने के राष्ट्रीय लक्ष्य को भी मजबूती मिल रही है। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक ग्रामीण व शहरी परिवार पीएम सूर्यघर योजना से जुड़कर हरित एवं विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में अपनी सहभागिता दर्ज कराएं।



