डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर बोले वित्त मंत्री ओपी चौधरी- लक्ष्य, अनुशासन और सकारात्मक सोच से ही मिलेगा सफलता का मार्ग
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने युवाओं से संवाद करते हुए राष्ट्रनिर्माण, करियर, प्रतियोगी परीक्षाओं, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य और व्यक्तित्व विकास पर प्रेरक विचार साझा किए।

रायपुर। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय में आयोजित व्याख्यान समारोह में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने युवाओं को राष्ट्रनिर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्पष्ट लक्ष्य, अनुशासन, सकारात्मक सोच और निरंतर परिश्रम ही सफलता की वास्तविक कुंजी हैं।
वित्त मंत्री ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट्रनिष्ठा, त्याग, शिक्षा और सिद्धांतों के प्रति अटूट समर्पण का प्रेरक उदाहरण है। उन्होंने व्यक्तिगत हितों से ऊपर राष्ट्रहित को सर्वोच्च स्थान दिया और भारतीय लोकतंत्र तथा राष्ट्रीय एकता को नई दिशा प्रदान की।
प्रतियोगी परीक्षाओं और करियर पर दिए महत्वपूर्ण सुझाव
युवा संवाद के दौरान विद्यार्थियों के सवालों का जवाब देते हुए श्री चौधरी ने कहा कि प्रशासनिक सेवा केवल नौकरी नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की सेवा का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तैयारी के लिए विशेष योजना के तहत दिल्ली भेज रही है।
उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को समय का सदुपयोग, गुणवत्तापूर्ण अध्ययन, आत्मअनुशासन और निरंतर अभ्यास पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी।
महिला सशक्तिकरण और स्वास्थ्य पर भी दिया संदेश
महिला सशक्तिकरण पर वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार बेटियों की शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और नेतृत्व क्षमता बढ़ाने के लिए अनेक योजनाएं चला रही है। उन्होंने युवतियों से आत्मविश्वास के साथ उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाकर अपने सपनों को साकार करने का आह्वान किया।
स्वास्थ्य पर उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन किसी भी सफलता की पहली शर्त हैं। नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और अनुशासित दिनचर्या अपनाने से बेहतर व्यक्तित्व और सफल जीवन का निर्माण होता है।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति, जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षकों, छात्र-छात्राओं तथा बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लिया। इस दौरान राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के उत्कृष्ट स्वयंसेवकों को भी सम्मानित किया गया।



