बलरामपुर में अतिक्रमण पर चला प्रशासन का बुलडोजर: वन भूमि पर बने 34 अवैध मकानों को किया गया ध्वस्त
वन और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में हटाया अवैध कब्जा; पहले जारी किया गया था नोटिस

छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में वन भूमि पर किए गए अवैध कब्जों के खिलाफ प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। जिले में प्रशासनिक मुस्तैदी दिखाते हुए वन भूमि पर अवैध रूप से बनाए गए 34 मकानों को बुलडोजर चलाकर पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार के विरोध और कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासन की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई को वन भूमि और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम माना जा रहा है।
बलरामपुर। बलरामपुर जिले से अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन के कड़े तेवर देखने को मिले हैं। जानकारी के अनुसार, जिले के अंतर्गत आने वाले वन विभाग के मैदानी इलाकों में पिछले कई वर्षों से बाहरी और स्थानीय लोगों द्वारा अवैध रूप से कब्जा करने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन और वन विभाग ने पहले ही जांच दल भेजकर जमीन का सीमांकन कराया था, जिसमें भारी पैमाने पर वन भूमि पर अतिक्रमण की पुष्टि हुई थी।
अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया के तहत प्रशासन द्वारा पहले ही संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए गए थे। नोटिस के माध्यम से सभी कब्जाधारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर स्वेच्छा से वन भूमि खाली करने के कड़े निर्देश दिए गए थे। हालांकि, प्रशासन द्वारा दी गई समय सीमा समाप्त होने के बाद भी जब किसी भी अतिक्रमणकारी ने अपना कब्जा नहीं हटाया, तब प्रशासन ने बलपूर्वक कार्रवाई करने का अंतिम फैसला लिया।

इस बड़े बेदखली अभियान को अंजाम देने के लिए वन विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस विभाग की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया था। टीम ने तय रणनीति के तहत मौके पर पहुंचकर भारी मशीनों और बुलडोजर की मदद से वन भूमि पर अवैध रूप से निर्मित 34 पक्के और कच्चे मकानों को जमींदोज कर दिया। कार्रवाई के दौरान मौके पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे ताकि कोई अप्रिय घटना न घटे। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी वन भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।



