स्वास्थ्य

सुबह खाली पेट जीरा, अजवाइन या मेथी का पानी पीने से पहले जान लें डॉक्टर की यह जरूरी बात, वरना हो सकता है नुकसान

Bol Bharat 24 News, Raipur: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और खराब खान-पान के कारण पेट से जुड़ी समस्याएं बेहद आम हो गई हैं। लोग अपने दिन की शुरुआत स्वस्थ तरीके से करने के लिए सुबह खाली पेट जीरा, अजवाइन या मेथी का पानी पीना पसंद करते हैं। लेकिन अक्सर लोगों के मन में यह उलझन रहती है कि उनके शरीर और सेहत के लिए इन तीनों में से कौन सा पानी सबसे ज्यादा बेस्ट है। इसी असमंजस को दूर करते हुए नई दिल्ली के प्रसिद्ध गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट (पेट रोग विशेषज्ञ) ने बताया है कि ये तीनों ही मसाले भारतीय रसोई की शान हैं और इनके अपने अलग-अलग औषधीय गुण हैं, लेकिन हर व्यक्ति के शरीर की जरूरत और उसकी शारीरिक तासीर के हिसाब से इनका चुनाव करना चाहिए ताकि इसका पूरा फायदा मिल सके।

डॉक्टर के अनुसार, यदि आप वजन कम करने, मेटाबॉलिज्म को मजबूत करने और पाचन क्रिया को दुरुस्त रखने की सोच रहे हैं, तो सुबह खाली पेट जीरे का पानी आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है। यह पेट की ऐंठन और गैस की समस्या से तुरंत राहत दिलाता है। दूसरी ओर, जिन लोगों को अक्सर अपच, पेट फूलना (ब्लोटिंग) या भारीपन की शिकायत रहती है, उनके लिए अजवाइन का पानी रामबाण इलाज है, क्योंकि यह पाचन एंजाइमों को सक्रिय करता है। वहीं, अगर कोई व्यक्ति हाई ब्लड शुगर (डायबिटीज) या जोड़ों के दर्द से परेशान है, तो उसके लिए मेथी दाने का पानी सबसे ज्यादा फायदेमंद माना जाता है, क्योंकि मेथी इंसुलिन संवेदनशीलता को सुधारने और शरीर की सूजन को कम करने में मददगार होती है।

विशेषज्ञ ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी ड्रिंक का अंधाधुंध सेवन करने से बचना चाहिए। उदाहरण के लिए, मेथी की तासीर गर्म होती है, इसलिए अत्यधिक गर्मी के मौसम में या जिन लोगों के शरीर की तासीर गर्म है, उन्हें इसका बहुत ज्यादा इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। सुबह खाली पेट इनमें से किसी भी पानी को तैयार करने का सबसे सही तरीका यह है कि रात भर एक चम्मच मसाले को एक गिलास पानी में भिगोकर रख दें और सुबह उसे हल्का गुनगुना करके छानकर पिएं। डॉक्टर ने सलाह दी है कि अगर आपको पेट का अल्सर, एसिडिटी या कोई अन्य गंभीर चिकित्सीय समस्या है, तो अपनी दिनचर्या में इसे शामिल करने से पहले एक बार विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श जरूर लें ताकि किसी भी तरह के नुकसान से बचा जा सके।

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