छत्तीसगढ़ कांग्रेस में बड़े बदलाव की तैयारी: दीपक बैज का कार्यकाल खत्म होने के बाद नए अध्यक्ष की तलाश, ‘मिशन 2028’ के लिए युवा चेहरों पर दांव
बोल भारत 24 की विशेष रिपोर्ट: 9 जुलाई को समाप्त हो रहा है वर्तमान पीसीसी चीफ का कार्यकाल, आगामी विधानसभा चुनाव के लिए एआईसीसी ने शुरू की नई रणनीति

Bol Bharat 24 News, रायपुर: छत्तीसगढ़ में आगामी विधानसभा चुनाव 2028 भले ही अभी समय के लिहाज से काफी दूर नजर आ रहे हों, लेकिन अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने राज्य में मुख्य विपक्षी दल के सांगठनिक ढांचे को चुस्त-दुरुस्त और मजबूत करने की दिशा में सियासी गोटियां बिछानी शुरू कर दी हैं। वर्तमान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज का निर्धारित तीन वर्ष का कार्यकाल आगामी नौ जुलाई को समाप्त होने जा रहा है। इसके मद्देनजर पार्टी के उच्च स्तर पर नए प्रदेशाध्यक्ष की ताजपोशी को लेकर अंदरूनी सुगबुगाहट और कयासों का दौर बेहद तेज हो गया है। कांग्रेस आलाकमान इस बार किसी ऐसे चेहरे को कमान सौंपने के मूड में है जो संगठन में नई ऊर्जा फूंक सके।
पार्टी के भीतर से छनकर आ रही खबरों के अनुसार, आगामी ‘मिशन 2028’ को फतह करने के लिए कांग्रेस इस बार किसी ऊर्जावान और युवा चेहरे पर दांव लगाने के स्पष्ट संकेत दे रही है। पिछले चुनाव में मिली हार के बाद से ही संगठन में बड़े फेरबदल की मांग उठ रही थी। आलाकमान का मानना है कि राज्य में सत्ताधारी दल को कड़ी टक्कर देने और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को फिर से सक्रिय करने के लिए एक आक्रामक और सर्वमान्य युवा नेतृत्व की जरूरत है। इसी रणनीति के तहत जातिगत समीकरणों और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए कई दिग्गज और युवा नेताओं के नामों पर दिल्ली के सियासी गलियारों में मंथन शुरू हो चुका है।
दीपक बैज के कार्यकाल के समापन की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे छत्तीसगढ़ कांग्रेस के भीतर दावेदारों की लॉबिंग भी तेज हो गई है। संगठन में अपनी पकड़ मजबूत करने और नए अध्यक्ष की रेस में आगे निकलने के लिए कई गुट सक्रिय हो चुके हैं। हालांकि, अंतिम फैसला एआईसीसी के शीर्ष नेतृत्व को ही लेना है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नए पीसीसी चीफ की नियुक्ति केवल एक पद का बदलाव नहीं होगी, बल्कि यह छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के भविष्य की दशा और दिशा तय करेगी, जिससे 2028 के चुनावी दंगल की रूपरेखा तैयार होगी।



