Chhattisgarh Wildlife News: छत्तीसगढ़ में कुनबा बढ़ने के साथ हाथियों की मौतें बढ़ीं, हाईटेक तकनीक हो रही फेल
वन्यजीव संरक्षण पर संकट: प्रदेश में 25 दिनों के भीतर चार हाथी शावकों ने दम तोड़ा, ड्रोन निगरानी और गश्त के दावे बेअसर।

Bol Bharat 24 News Raipur- छत्तीसगढ़ में हाथियों की बढ़ती संख्या के बीच उनके संरक्षण को लेकर एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आ रही है। राज्य में हाथियों का कुनबा तो बढ़ रहा है, लेकिन इसके साथ ही उनकी असमय मौतों का आंकड़ा भी तेजी से इजाफा कर रहा है। वन विभाग द्वारा हाथियों की सुरक्षा के लिए ड्रोन से निगरानी रखने और जंगलों में लगातार गश्त करने जैसी हाईटेक तकनीकों के इस्तेमाल का दावा किया जा रहा है, लेकिन धरातल पर ये सभी उपाय पूरी तरह फेल साबित होते दिख रहे हैं।
सुरक्षा के बड़े-बड़े दावों के बीच जमीनी हकीकत यह है कि प्रदेश में पिछले महज 25 दिनों के भीतर चार मासूम हाथी शावकों की मौत हो चुकी है। अगर पिछले छह महीनों के आंकड़ों पर नजर डालें, तो यह स्थिति और भी भयावह हो जाती है क्योंकि इस अवधि में कुल 10 शावक अपनी जान गंवा चुके हैं। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान समय में छत्तीसगढ़ के जंगलों में लगभग 450 हाथी अलग-अलग समूहों में भ्रमण कर रहे हैं, जिनकी सुरक्षा और रहवास को लेकर वन विभाग की रणनीति पूरी तरह नाकाम नजर आ रही है।
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए पर्यावरण और वन्यजीव विशेषज्ञों ने सरकार और प्रशासन से कड़े कदम उठाने की मांग की है। विशेषज्ञों का स्पष्ट रूप से मानना है कि हाथियों की मृत्यु के सटीक और वैज्ञानिक रूप से सही कारणों को समझना बेहद जरूरी है। जब तक मौतों की सही वजहों का पता नहीं लगाया जाएगा, तब तक भविष्य में होने वाली ऐसी दर्दनाक दुर्घटनाओं को रोकना और वन्यजीव संरक्षण की रणनीतियों को प्रभावी बनाना मुमकिन नहीं होगा।



