छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ के उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में शुरू होगी ‘हॉर्नबिल सफारी’: वन मंत्री केदार कश्यप की पहल से पर्यटकों को मिलेगा नया रोमांच

दुर्लभ मालाबार पाइड हॉर्नबिल के संरक्षण के साथ पीवीटीजी गांवों के युवाओं को मिलेगा रोजगार, गाइड बनने की दी जा रही ट्रेनिंग

Bol Bharat 24 News रायपुर। छत्तीसगढ़ के उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में वन्यजीव संरक्षण और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए एक अनूठी पहल की शुरुआत की जा रही है। वन मंत्री केदार कश्यप की मंशा के अनुरूप रिजर्व प्रबंधन ने विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) के गांवों ओढ़, अमलोर और आमामोरा में विशेष ‘हॉर्नबिल सफारी’ प्रारंभ करने का निर्णय लिया है। यह कदम न केवल दुर्लभ मालाबार पाइड हॉर्नबिल पक्षियों के संरक्षण को मजबूत करेगा, बल्कि स्थानीय आदिवासी युवाओं के लिए आजीविका और स्वरोजगार के नए द्वार भी खोलेगा।

पिछले चार वर्षों के दौरान एंटी-पोचिंग अभियान, फलदार वृक्षों के रोपण और ‘हॉर्नबिल रेस्टोरेंट’ जैसे नवाचारों के चलते इस टाइगर रिजर्व में हॉर्नबिल पक्षियों की आबादी में शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस सफारी के जरिए अब प्रकृति प्रेमी, बर्ड वॉचर्स और वन्यजीव फोटोग्राफर्स प्राकृतिक परिवेश में इन खूबसूरत पक्षियों का दीदार कर सकेंगे। शुरुआती चरण में सफारी के संचालन के लिए दो जिप्सी वाहनों की व्यवस्था की गई है, जिसके जरिए पर्यटक इस घने जंगल के अद्भुत नजारों और जैव विविधता का आनंद ले सकेंगे।

इस सफारी की सबसे बड़ी खूबी स्थानीय समुदायों की भागीदारी है, जहाँ गांवों के युवाओं को बर्ड वॉचिंग और नेचर गाइड के रूप में प्रशिक्षित किया जा रहा है। रायपुर से करीब 130 किलोमीटर दूर स्थित यह रिजर्व मालाबार पाइड हॉर्नबिल के साथ-साथ शाहीन बाज, इंडियन जायंट स्क्विरल और उड़न गिलहरी जैसे दुर्लभ जीवों का भी बसेरा है। देश-दुनिया के पर्यटक इस सफारी की विस्तृत जानकारी और बुकिंग के लिए ऑफिशियल वेबसाइट www.udantisitanaditigerreserve.in पर संपर्क कर सकते हैं।

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