AAP सांसद संजय सिंह का बड़ा हमला, कहा- पेसा कानून का छत्तीसगढ़ में उड़ाया जा रहा मजाक, आदिवासी समाज में है गुस्सा
रायपुर पहुंचे राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भाजपा सरकार को घेरा; जल, जंगल और जमीन के अधिकारों की अनदेखी का लगाया आरोप

रायपुर, 9 अगस्त। आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर जोरदार सियासी हमला बोला है। रायपुर आगमन पर मीडिया से चर्चा करते हुए संजय सिंह ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ में पंचायतों के अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार (पेसा) कानून की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की भाजपा सरकार में जल, जंगल और जमीन पर आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों को छीना जा रहा है, जिससे पूरे प्रदेश के आदिवासी समाज में गहरा आक्रोश व्याप्त है।
संजय सिंह ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पर सीधे निशाना साधते हुए कहा कि यद्यपि प्रदेश के मुख्यमंत्री स्वयं आदिवासी समाज से आते हैं, लेकिन राज्य सरकार का नियंत्रण पूरी तरह से दिल्ली और कॉर्पोरेट घरानों के हाथों में है। उन्होंने आरोप लगाया कि बस्तर और सरगुजा संभाग के प्राकृतिक संसाधनों की अनदेखी कर उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। ग्राम सभाओं के अधिकारों को दरकिनार कर पेसा अधिनियम के प्रावधानों को निष्प्रभावी बनाया जा रहा है, जो जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए संघर्षरत स्थानीय समुदायों के साथ अन्याय है।
आम आदमी पार्टी सांसद ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता ने जिस उम्मीद के साथ नई सरकार को चुना था, उस पर यह सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आम आदमी पार्टी आदिवासियों के अधिकारों और पेसा कानून के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए सड़क से लेकर संसद तक आवाज उठाएगी। वहीं, आप नेता के इन आरोपों पर पलटवार करते हुए सत्तारूढ़ भाजपा नेताओं ने इसे अनर्गल और राजनीतिक हथकंडा करार दिया है तथा कहा कि राज्य सरकार आदिवासी संस्कृति, विकास और अधिकारों के संरक्षण के लिए पूरी निष्ठा के साथ कार्य कर रही है।



