छत्तीसगढ़

पंडरिया में टला बड़ा हादसा: उफनती आगर नदी के तेज बहाव में फंसी 25 यात्रियों से भरी बस; ग्रामीणों ने ‘मानव श्रृंखला’ बनाकर बचाई सबकी जान

ढोलढोली रपटे (पुलिया) को पार करने के चक्कर में फंसा वाहन, बहाव के दबाव से एक पहिया उतरा नीचे; देवदूत बनकर आए वनांचल के ग्रामीण

पंडरिया/कबीरधाम, 3 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ में जारी मूसलाधार बारिश के बीच कबीरधाम (कवर्धा) जिले के पंडरिया विकासखंड अंतर्गत वनांचल क्षेत्र से बहादुरी और सूझबूझ की एक बेहद अद्भुत तस्वीर सामने आई है। यहां गुरुवार की शाम को एक बड़ा और दर्दनाक हादसा होते-होते टल गया। उफान पर चल रही आगर नदी के तेज बहाव के बीच 25 यात्रियों से भरा एक बड़ा एसएमएल (SML) वाहन फंस गया।

जब मौत सामने खड़ी थी, तब स्थानीय वनांचल क्षेत्र के ग्रामीणों ने अदम्य साहस का परिचय दिया। ग्रामीणों ने उफनती नदी के बीच एक-दूसरे का हाथ पकड़कर ‘मानव श्रृंखला’ (Human Chain) बनाई और वाहन में फंसे सभी 25 यात्रियों को एक-एक कर सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

रपटा पार करने की लापरवाही पड़ी भारी, नीचे उतरा पहिया

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मिली जानकारी के अनुसार, पंडरिया ब्लॉक के वनांचल इलाकों में पिछले दो दिनों से भारी बारिश हो रही है, जिससे नदी-नाले उफान पर हैं। आगर नदी का जलस्तर भी खतरे के निशान के पास पहुंच चुका है। इसी बीच, यात्रियों से भरा एक एसएमएल वाहन ‘ढोलढोली रपटे’ (बाढ़ वाली छोटी पुलिया) को पार करने की कोशिश करने लगा। रपटे के ऊपर पानी का बहाव बेहद तेज था।

जैसे ही वाहन रपटे के बीचों-बीच पहुंचा, पानी के भीषण दबाव के कारण चालक ने नियंत्रण खो दिया। पानी की रफ्तार ने वाहन को पीछे की तरफ धकेला, जिससे गाड़ी का एक पहिया रपटे (पुलिया) से नीचे उतर गया और दूसरा पहिया ऊपर ही अटका रह गया। वाहन एक तरफ बुरी तरह झुक गया और नदी के तेज बहाव में बहने की कगार पर पहुंच गया।

वाहन के भीतर मची चीख-पुकार, देवदूत बने ग्रामीण

पुलिया पर गाड़ी को लटकता देख और नीचे उफनती नदी को देखकर वाहन के भीतर सवार 25 यात्रियों में हाहाकार मच गया। बच्चे और महिलाएं मदद के लिए चिल्लाने लगे। नदी का पानी लगातार वाहन के टायरों को छूते हुए तेजी से आगे बढ़ रहा था।

यात्रियों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के गांवों के ग्रामीण बिना अपनी जान की परवाह किए नदी की ओर दौड़े।

अद्भुत सूझबूझ: नदी का बहाव इतना तेज था कि कोई अकेला व्यक्ति वहां टिक नहीं सकता था। इसलिए ग्रामीणों ने तुरंत एक-दूसरे का हाथ कसकर पकड़ा और पानी के भीतर ‘मानव श्रृंखला’ बना डाली।

सुरक्षित रेस्क्यू: ग्रामीणों ने इस इंसानी जंजीर के सहारे झुक चुके वाहन तक पहुंच बनाई और एक-एक करके सभी 25 सहमे हुए यात्रियों को गोद में और हाथ पकड़कर सुरक्षित किनारे तक पहुंचाया।

सलामत रहे सभी यात्री: ग्रामीणों की इस त्वरित बहादुरी के कारण सभी 25 जिंदगियां सुरक्षित बचा ली गईं। यात्रियों ने सुरक्षित किनारे पर पहुंचने के बाद नम आंखों से वनांचल के इन जांबाज ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया। बाद में ट्रैक्टर और अन्य साधनों की मदद से फंसे हुए वाहन को भी नदी से बाहर निकालने का प्रयास किया गया।

प्रशासन की अपील: उफनते नदी-नालों को न करें पार

इस रोंगटे खड़े कर देने वाले हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने वनांचल मार्ग पर चलने वाले वाहन चालकों को सख्त हिदायत दी है। मॉनसून के दौरान जब भी रपटे या पुलिया के ऊपर पानी हो, तो किसी भी परिस्थिति में वाहन को आगे न बढ़ाएं। थोड़ी सी जल्दबाजी या लापरवाही बड़ी जनहानि का कारण बन सकती है।

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