GST Department Big Action: फर्जी अंकसूची के सहारे सरकारी नौकरी पाने वाले दो कर्मचारी बर्खास्त; पदोन्नति के बाद बने थे सहायक ग्रेड-3
जीएसटी विभाग की बड़ी कार्रवाई से सरकारी महकमे में हड़कंप; दस्तावेजों के वेरिफिकेशन में खुली पोल तो कमिश्नर ने जारी किया बर्खास्तगी का आदेश

रायपुर, 7 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ के राज्य कर (GST) विभाग में फर्जी दस्तावेजों के सहारे सरकारी नौकरी हथियाने और पदोन्नति (प्रमोशन) पाने वाले दो कर्मचारियों पर गाज गिरी है। विभाग के कमिश्नर द्वारा मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों दागी कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त (Dismiss) कर दिया है। बर्खास्त किए गए दोनों कर्मचारी फर्जी अंकसूची (मार्कशीट) के दम पर न केवल विभाग में दाखिल हुए थे, बल्कि हाल ही में पदोन्नत होकर सहायक ग्रेड-3 के पद पर पहुंच चुके थे। इस बड़ी कार्रवाई के बाद से सरकारी महकमों और कर्मचारियों के बीच हड़कंप मच गया है।
दस्तावेजों के वेरिफिकेशन में खुली पोल
लल्लूराम न्यूज़ को विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला कर्मचारियों के शैक्षणिक और अन्य सेवा दस्तावेजों के नियमित सत्यापन (वेरिफिकेशन) के दौरान सामने आया।
फर्जी मिलीं अंकसूचियां: जब संबंधित विवि और बोर्ड से इन कर्मचारियों की अंकसूचियों की जांच कराई गई, तो वे पूरी तरह फर्जी और कूटरचित पाई गईं।
विभागीय जांच में सिद्ध हुआ दोष: पोल खुलने के बाद विभाग ने दोनों कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर आंतरिक जांच (Departmental Inquiry) बैठाई थी। जांच में दोनों कर्मचारी अपने दस्तावेजों की वैधता साबित करने में पूरी तरह नाकाम रहे।
पदोन्नति पाकर बने थे सहायक ग्रेड-3
धोखाधड़ी का मामला: बताया जा रहा है कि इन कर्मचारियों ने काफी समय पहले विभाग में निम्न पद पर ज्वाइनिंग ली थी। अपनी चालाकी और सेवा अवधि के आधार पर इन्होंने पिछले दिनों पदोन्नति भी हासिल कर ली और सहायक ग्रेड-3 (Assistant Grade-3) की कुर्सी तक पहुंच गए। लेकिन जैसे ही राज्य कर विभाग के शीर्ष अधिकारियों के पास जांच रिपोर्ट पहुंची, बिना किसी ढिलाई के दोनों की बर्खास्तगी का अंतिम आदेश जारी कर दिया गया।
प्रशासनिक अमला सख्त, दर्ज हो सकती है एफआईआर
जीएसटी विभाग के उच्चाधिकारियों का कहना है कि शासकीय सेवा में पारदर्शिता और ईमानदारी से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। फर्जी दस्तावेज जमा कर राज्य के योग्य युवाओं का हक मारने वालों के खिलाफ यह एक कड़ा संदेश है। सूत्रों के मुताबिक, सेवा से बर्खास्तगी की इस प्रशासनिक कार्रवाई के बाद अब विभाग इन दोनों पूर्व कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी (Fraud) और जालसाजी की धाराओं के तहत पुलिस में नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज कराने की तैयारी भी कर रहा है। इसके साथ ही इनके द्वारा अब तक उठाए गए वेतन की रिकवरी पर भी विचार किया जा सकता है।



