Administration News : तीन घंटे चला विकास कार्यों को लेकर मंथन, नदारद चार अधिकारियों पर भड़के उप मुख्यमंत्री, शोकॉज नोटिस जारी
बिलासपुर कलेक्टोरेट के मंथन सभाकक्ष में उप मुख्यमंत्री व प्रभारी मंत्री अरुण साव ने ली मैराथन समीक्षा बैठक; निर्माण कार्यों में लेतलतीफी पर जताई कड़ी नाराजगी

रायपुर, 9 अगस्त। बिलासपुर कलेक्टोरेट स्थित ‘मंथन’ सभाकक्ष में शनिवार को आयोजित जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में उस समय हड़कंप मच गया, जब प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान अधिकारियों पर भड़क गए। लगभग तीन घंटे तक चली इस मैराथन बैठक में उप मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों के निर्माण व विकास कार्यों की धीमी प्रगति पर कड़ी नाराजगी जताई। बैठक से बिना पूर्व सूचना के नदारद रहे चार जिम्मेदार अधिकारियों की अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने तत्काल कारण बताओ (शॉकॉज) नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
प्रभारी मंत्री अरुण साव ने बैठक में लोक निर्माण विभाग (PWD), नगर निगम, स्वास्थ्य, शिक्षा और ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनहित के कार्यों में किसी भी प्रकार की लेतलतीफी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो परियोजनाएं समय सीमा से पीछे चल रही हैं, उनकी नियमित मॉनिटरिंग की जाए और ठेकेदारों की लापरवाही पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाए। उन्होंने अफसरों को चेतावनी दी कि शासन की मंशा के अनुरूप विकास कार्यों की गुणवत्ता और गति में कोई समझौता नहीं होना चाहिए।
बैठक के दौरान उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आम जनता से सीधे जुड़े मुद्दों, जैसे पेयजल, सड़क मरम्मत, स्वास्थ्य सेवाओं और फ्लैगशिप योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना प्राथमिकता में होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन के समन्वय से विकास कार्यों को समय पर पूर्ण कराया जाए। बैठक में बिलासपुर कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत सीईओ, निगम आयुक्त सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।



