Sports News: राष्ट्रीय खेल दिवस पर केटीयू में दिखा खेलों का उत्साह, कुलपति और विद्यार्थियों ने लिया प्रतियोगिताओं में हिस्सा
राष्ट्रीय खेल दिवस पर केटीयू रायपुर में पारंपरिक और नवाचारी खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ। कुलपति प्रो. डॉ. मनोज दयाल सहित विद्यार्थियों और शिक्षकों ने विभिन्न खेलों में हिस्सा लिया।

Sports News रायपुर, 29 अगस्त 2026। राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय (केटीयू), रायपुर में पारंपरिक और नवाचारी खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कुलपति प्रो. डॉ. मनोज दयाल, कुलसचिव सुनील शर्मा सहित विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ भाग लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. डॉ. मनोज दयाल ने कहा कि खेल सिर्फ शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि विपरीत परिस्थितियों में भी अंतिम क्षण तक संघर्ष करने और जीत हासिल करने का साहस देते हैं। खेलों के जरिए विद्यार्थियों में टीम भावना, नेतृत्व क्षमता, धैर्य, उत्साह, सकारात्मक सोच और आपसी समन्वय जैसे महत्वपूर्ण जीवन-मूल्यों का विकास होता है।
पारंपरिक और नवाचारी खेलों में विद्यार्थियों ने दिखाया उत्साह
राष्ट्रीय खेल दिवस के मौके पर विश्वविद्यालय परिसर में कई तरह की खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। विद्यार्थियों और संकाय सदस्यों ने ‘ओंकार दौड़’, ‘केंद्र कबड्डी’, ‘नेताजी की पहचान’, ‘मत चूको चौहान’, ‘शेर-आदमी-बंदूक’ और ‘सुदर्शन चक्र’ जैसी स्पर्धाओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
इन प्रतियोगिताओं के दौरान प्रतिभागियों में खासा उत्साह देखने को मिला। खेलों ने विद्यार्थियों को मनोरंजन के साथ-साथ टीमवर्क, रणनीति और नेतृत्व क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर भी दिया।
खेल से व्यक्तित्व विकास पर जोर
कुलपति ने कहा कि खेल विद्यार्थियों के व्यक्तित्व को संतुलित और बहुआयामी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वर्तमान समय में पढ़ाई और अन्य जिम्मेदारियों के बीच तनाव को कम करने के लिए खेल गतिविधियां बेहद उपयोगी हैं। नियमित रूप से खेलों में भाग लेने से विद्यार्थियों में सकारात्मक ऊर्जा और आत्मविश्वास बढ़ता है।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक और कर्मचारी भी मौजूद रहे। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर खेल भावना का परिचय दिया।



