छत्तीसगढ़

Bastar Development News: DMF फंड से दूरस्थ इलाकों में पहुंचेगी सड़क, पानी और बिजली की सुविधा, चार जिलों को मिलेगा फायदा

बस्तर के दूरस्थ इलाकों में DMF फंड से सड़क, पानी और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने की तैयारी है। बीजापुर, सुकमा, नारायणपुर और कांकेर को लाभ मिलने की उम्मीद है।

Bastar Development News रायपुर। माओवादी हिंसा से लंबे समय तक प्रभावित रहे बस्तर क्षेत्र में अब विकास कार्यों को और गति देने की तैयारी है। केंद्र सरकार की ओर से लेफ्ट विंग एक्सट्रीमिज्म (LWE) प्रभावित क्षेत्रों के लिए जिला खनिज न्यास निधि (DMF) के उपयोग से जुड़े नियमों में विशेष छूट दिए जाने के बाद खनिज संपदा वाले जिलों में जमा राशि को दूरदराज और पिछड़े इलाकों के विकास पर खर्च करने का रास्ता साफ हुआ है।

इस व्यवस्था का उद्देश्य उन क्षेत्रों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना है, जहां भौगोलिक परिस्थितियों और लंबे समय तक रही सुरक्षा चुनौतियों के कारण विकास कार्य अपेक्षाकृत धीमे रहे हैं। सड़क, पेयजल और बिजली जैसी आवश्यक सुविधाओं के विस्तार से ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आवागमन की सुविधाओं को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

चार जिलों के दूरस्थ क्षेत्रों को मिलेगा लाभ

DMF की राशि का उपयोग बस्तर संभाग के संवेदनशील और पिछड़े इलाकों तक विकास पहुंचाने में किया जा सकेगा। इससे बीजापुर, सुकमा, नारायणपुर और कांकेर जैसे जिलों के दूरस्थ क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर जोर दिया जा सकता है।

इन इलाकों में सड़क संपर्क बेहतर होने से ग्रामीणों को बाजार, अस्पताल, स्कूल और सरकारी सेवाओं तक पहुंच आसान होगी। वहीं बिजली और पानी की सुविधाओं के विस्तार से गांवों में जीवन स्तर सुधारने के साथ स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।

नक्सल प्रभावित इलाकों में विकास को नई गति

बस्तर में सुरक्षा स्थिति में सुधार के साथ अब विकास कार्यों को भी प्राथमिकता दी जा रही है। केंद्र के स्तर पर LWE से जुड़े जिलों की श्रेणियों में भी बदलाव हुआ है और कई क्षेत्रों में माओवादी गतिविधियों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।

ऐसे में DMF जैसे संसाधनों को दूरस्थ इलाकों की जरूरतों के अनुसार उपयोग करने से विकास और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को गति मिल सकती है। सड़क, बिजली और पेयजल जैसी सुविधाएं मजबूत होने से ग्रामीण क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने में मदद मिलेगी।

DMF फंड से स्थानीय जरूरतों पर होगा फोकस

जिला खनिज न्यास निधि का उद्देश्य खनन प्रभावित क्षेत्रों और वहां रहने वाले लोगों के विकास से जुड़ी जरूरतों को पूरा करना है। अब विशेष परिस्थितियों वाले दूरस्थ क्षेत्रों में इस राशि के उपयोग से उन गांवों तक भी विकास योजनाएं पहुंचाने की संभावना बढ़ी है, जहां बुनियादी ढांचे की जरूरत सबसे अधिक है।

बस्तर में इस पहल को लंबे समय से प्रभावित क्षेत्रों में विकास की नई दिशा के रूप में देखा जा रहा है। यदि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन होता है, तो आने वाले समय में सड़क, पानी और बिजली जैसी सुविधाओं के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

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